Chaitra Navratri 2021: घटस्थापना से पहले जान लें इन जरूरी सवालों के जवाब, सालभर बनी रहेगी माता रानी की कृपा
चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल, दिन मंगलवार से शुरू हो रहे हैं। नवरात्रि का त्योहार नौ दिनों तक देशभर में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि को साल भर में दो बार उत्साह और खुशी के साथ मनाते हैं।...

चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल, दिन मंगलवार से शुरू हो रहे हैं। नवरात्रि का त्योहार नौ दिनों तक देशभर में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि को साल भर में दो बार उत्साह और खुशी के साथ मनाते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान माता रानी की विधि-विधान से पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि के इस पावन मौके पर जानिए इस त्योहार से जुड़ी खास बातें-
1. चैत्र नवरात्रि 2021 कब से कब तक हैं?
इस साल चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल, दिन मंगलवार से शुरू होकर 22 अप्रैल, दिन गुरुवार तक चलेंगे।
2. चैत्र नवरात्रि 2021 घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
चैत्र नवरात्रि 2021 घटस्थापना शुभ मुहूर्त- 13 अप्रैल की सुबह 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक।
अवधि- 04 घंटे 15 मिनट
घटस्थापना का दूसरा शुभ मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक।
3. नवरात्रि के दौरान क्या करना चाहिए?
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा-अर्चना व उपासना करनी चाहिए। नवरात्रि के 9 दिन वाद-विवाद से बचना चाहिए। कटु वचन बोलने से बचना चाहिए। इस दौरान बह्यचर्य का पालन करना चाहिए।
4. नवरात्रि के दौरान क्या खाना चाहिए?
नवरात्रि के दौरान सिंघारे का आटा, कुट्टू का आटा, साबूदाना, ड्राई फ्रूट्स और मखाने आदि खाने चाहिए।
5. नवरात्रि का क्या महत्व है?
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की नौ दिन पूजा-अर्चना की जाती है। मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए भक्त नौ दिन तक व्रत करते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की उपासना करने से माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
6. जानें किस दिन कौन-सी देवी की होगी पूजा-
- पहला दिन: 13 अप्रैल 2021, मां शैलपुत्री पूजा
- दूसरा दिन: 14 अप्रैल 2021, मां ब्रह्मचारिणी पूजा
- तीसरा दिन: 15 अप्रैल 2021, मां चंद्रघंटा पूजा
- चौथा दिन: 16 अप्रैल 2021, मां कूष्मांडा पूजा
- पांचवां दिन: 17 अप्रैल 2021, मां स्कंदमाता पूजा
- छठा दिन: 18 अप्रैल 2021, मां कात्यायनी पूजा
- सातवां दिन: 19 अप्रैल 2021, मां कालरात्रि पूजा
- आठवां दिन: 20 अप्रैल 2021, मां महागौरी पूजा
- नौवां दिन: 21 अप्रैल 2021, मां सिद्धिदात्री पूजा
- दसवां दिन: 22 अप्रैल 2021, व्रत पारण
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


