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27 मार्च, 2020|4:29|IST

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Chaitra Navratri 2020 : राजा हिमालय की पुत्री हैं मां ब्रह्मचारिणी, जानें उनकी स्तुति के लिए पूजा मुहूर्त, पूजन विधि और व्रत कथा  

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नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के मां ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति को अपने कार्य में सदैव विजय प्राप्त होता है। मां ब्रह्मचारिणी दुष्टों को सन्मार्ग दिखाने वाली हैं। माता की भक्ति से व्यक्ति में तप की शक्ति, त्याग, सदाचार, संयम और वैराग्य जैसे गुणों में वृद्धि होती है। 


मां ब्रह्मचारिणी पूजा मुहूर्त
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का प्रारंभ 25 मार्च दिन बुधवार को शाम 05 बजकर 26 मिनट से हो रहा है, जो 26 मार्च दिन गुरुवार को शाम 07 बजकर 53 मिनट तक है। ऐसे में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा गुरुवार सुबह करें।

 

मां ब्रह्मचारिणी पूजन विधि 
चैत्र शुक्ल द्वितीया को आप स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। उसके बाद मां ब्रह्मचारिणी की विधिपूर्वक पूजा करें। उनके अक्षत्, सिंदूर, धूप, गंध, पुष्प आदि अर्पित करें। अब ऊपर दिए गए मंत्रों का स्मरण करें। इसके पश्चात कपूर या गाय के घी से दीपक जलाकर मां ब्रह्मचारिणी की आरती करें। मां ब्रह्मचारिणी को चमेली का फूल प्रिय है, पूजा में अर्पित करें। 

 

मां ब्रह्मचारिणी व्रत कथा 
मां ब्रह्मचारिणी ने राजा हिमालय के घर जन्म लिया था। नारदजी की सलाह पर उन्होंने कठोर तप किया, ताकि वे भगवान शिव को पति स्वरूप में प्राप्त कर सकें। कठोर तप के कारण उनका ब्रह्मचारिणी या तपश्चारिणी नाम पड़ा। भगवान शिव की आराधना के दौरान उन्होंने 1000 वर्ष तक केवल फल-फूल खाए तथा 100 वर्ष तक शाक खाकर जीवित रहीं। कठोर तप से उनका शरीर क्षीण हो गया। उनक तप देखकर सभी देवता, ऋषि-मुनि अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि आपके जैसा तक कोई नहीं कर सकता है। आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगा। भगवान शिव आपको पति स्वरूप में प्राप्त होंगे।

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  • Web Title:Chaitra Navratri 2020 : navratri second day maa brahmacharini puja vidhi muhurat time mantra katha and significance