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2 जून, 2020|11:22|IST

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चैत्र नवरात्र 2020: चैत्र नवरात्र 25 मार्च बुधवार से, इस बार किसी तिथि का क्षय नहीं, जानें घट स्थापना का चौघड़िया मुहूर्त

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आदि शक्ति की आराधना का पावन पर्व चैत्र नवरात्र 25 मार्च बुधवार से शुरू होगा। इसे वासंतिक नवरात्र भी कहते हैं। *इसी दिन हिन्दू नववर्ष यानी नवसंवत्सर 2077 का शुभारम्भ होगा। इस बार किसी तिथि का क्षय नहीं है।

पूरे नौ दिनों तक मां की पूजा, अर्चना व व्रत का अवसर मिलेगा। हालांकि देवी मंदिरों में इस बार नवरात्र पर भक्तों की भीड़ नहीं रहेगी। क्योंकि श्रद्धा, आस्था के प्रवाह पर कोरोना वायरस का साया रहेगा। महामारी को देखते हुए शहर के सिद्धपीठ अलोपशंकरी, ललिता देवी और कल्याणी देवी के पट भक्तों के लिए बंद रहेंगे। पूजन-अर्चन के लिए भक्तों का प्रवेश नहीं होगा।

भजन संध्या व देवी जागरण के कार्यक्रम नहीं होंगे। इसलिए भक्त घर पर ही विधिविधान से कलश स्थापना करके आदि शक्ति से कोरोना से मुक्ति की कामना करेंगे। ज्योतिषाचार्य अमित बहोरे के अनुसार, चैत्र नवरात्र का आरंभ 25 मार्च बुधवार से होगा। इस दिन रेवती नक्षत्र पूरे दिन और प्रतिपदा संध्याकाल तक विद्यमान रहेगी।

पूजन सामग्री मिलने में हो रही परेशानी : इस बार कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन से पूजन सामग्री की दुकानें भी बंद हैं। मंदिरों के सामने लगने वाली फल, कलश व पूजा सामग्री की दुकानें दो दिन से बंद हैं। इसलिए भक्तों को पूजन सामग्री नहीं मिल पा रही है। जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है।

 
घट स्थापना का मुहूर्त घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 से 7:01 तक रहेगा। चौघड़िया मुहूर्त सुबह 6:05 से 7:36 तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:33 तक रहेगा।
 
नवरात्र पर घर में पूजा करने की अपील प्रयागराज
 शहर के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों की बैठक अल्लापुर में हुई। इस अवसर पर संस्था प्रमुखों ने लोगों से नवरात्र पर्व पर घर में ही पूजन-अर्चन की अपील की है। अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी फूलचंद दुबे ने कहा कि कोरोना की महामारी के कारण मंदिरों में भीड़ न हो इसके लिए यह अपील की गई है। भारतीय किसान संघ के डॉ बीके सिंह, भरद्वाज धर्म महासंघ के लालता प्रसाद, मठ बचाओ समिति के राजेंद्र पालीवाल, मातृ स्नेह फाउंडेशन के नागेंद्र सिंह, नैतिक विकास संस्थान के श्याम सूरत मौजूद रहे।
 
सामंजस्य बढ़ाएगा प्रमादी संवत्सर 
इस बार प्रमादी नाम का संवत्सर प्रारम्भ होगा जिसमें वर्ष का राजा बुध होगा, मंत्री पद चंद्रमा को प्राप्त होगा। सस्येश गुरु, दुर्गेश चन्द्र, धनेश गुरु, रसेश शनि, धान्येश बुध है। संवत्सर का निवास कुम्भकार के घर है। नववर्ष के मंत्रिमंडल को देखते हुए देश तथा समाज में सामंजस्य स्थापित होगा। भक्त घर पर करें देवी की आराधना ललिता देवी मंदिर के पुजारी शिवमूरत मिश्र ने बताया कि भक्तों को घर में देवी के चित्र के सामने श्रद्धा भाव से आराधना करनी चाहिए। साथ ही दुर्गासप्तशती व नवदुर्गा का पाठ परिवार के साथ करना चाहिए। पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा-अर्चना होगी।
 

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  • Web Title:Chaitra Navratri 2020: Chaitra Navratra from 25 March Wednesday this time there is no loss of date know the Choghadiya Muhurta of ghat sthapana