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27 अक्तूबर, 2020|8:04|IST

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Chaiti Chhath 2020: कोरोना के भय के बीच छठ व्रतियों ने गुड़ की खीर व घी मिश्रित रोटी का लगाया भोग

chhath puja kharna vidhi 2019

कोरोना के भय के बीच रविवार को राजधानी सहित पूरे प्रदेश में छठ व्रतियों ने भगवान भास्कर को गुड़ खीर व घी मिश्रित रोटी का भोग लगाकर खरना संपन्न किया और इसके साथ ही उनका 36 घंटे का निर्जला व निराहार व्रत शुरू हुआ। सूर्योपासना के महापर्व चैती छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान के तीसरे दिन सोमवार को अस्ताचलसगामी सूर्य को श्रद्धालु अर्घ्य प्रदान करेंगे। मंगलवार को श्रद्धालु उदीयमान सूर्य को अर्घ्य प्रदान करके इस महापर्व के अनुष्ठान का समापन करेंगे। धार्मिक मान्यता है कि छठ महापर्व में नहाए-खाए से पारण तक व्रतियों पर षष्ठी माता की कृपा बरसती है। गौरतलब है कि बिहार और पूर्वी उत्तरप्रदेश में छठ पूरी श्रद्धा और भक्ति से मनायी जाती है.। चैत माह में भी महती तादाद में श्रद्धालु छठ महापर्व करते हैं।

हालांकि कोरोना के कारण इस बार गंगा घाटों पर चैती छठ नहीं मनायी जा रही है। पर घाट के किनारे के रहनेवाले कई श्रद्धालु रविवार को भी गंगा स्नान करने और गंगाजल भरने पहुंच गये थे। इससे घाटों पर भी छठी मैया और हर-हर गंगे के जयकारे लगे। छठ के पारंपरिक गीत दर्शन देहू न आपार छठी मैया.उगऽ हे सूरजदेव अरघ के बेरिया. गीत गाते महिला व्रतियों ने घरों में खरना और अर्घ्य के प्रसाद तैयार किये। रविवार की शाम व्रतियों ने पूरी भक्ति के साथ भगवान भास्कर को गुड़ -दूध की खीर,घी में बनी रोटी का भोग लगाया और खुद भी परिजनों के साथ प्रसाद ग्रहण किये।

सायंकालीन अर्घ्य आज : छठ महापर्व के चार दिवसीय अनुष्ठान के तीसरे दिन सोमवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य प्रदान करेंगे जबकि मंगलवार की सुबह उगते सूरज को अर्घ्य प्रदान करके व्रत का पारण करेंगे। आचार्य पीके युग के अनुसार मान्यता है कि ईख के कच्चे रस ,गुड़ के सेवन से त्वचा रोग, आंख की पीड़ा,शरीर के दाग-धब्बे समाप्त हो जाते है

खरना का प्रसाद बनाने के लिए गंगा जल लेने घाटों पर पहुंचे लोग : पहली बार छठ पूजा पर गंगाघाट सूना लग रहा है। कोरोना के कारण गंगा घाटों पर खरना के दिन रविवार को भी सख्ती देखी गई। बावजूद इसके कई घाटों पर श्रद्धालु प्रसाद बनाने के लिए गंगाजल लेने पहुंचे। कई श्रद्धालु पैदल ही 10-12 किमी दूर से गंगाजल लेने आए थे।

सुबह पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने के कारण श्रद्धालु सीधे घाट तक पहुंच गए। लेकिन दस बजे के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकना शुरू किया। गंजाजल लेने में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। समूह में न तो किसी को स्नान करने दिया और न ही गंगाजल ले जाने। ज्यादा भीड़ एनआईटी, लॉ कॉलेज सहित अन्य घाटों पर दिखी।

मसौढ़ी। कोरोना वायरस का भय और लॉक डाउन के बीच चार दिवसीय चैती छठ पूजा के दूसरे दिन रविवार की शाम व्रतियों ने अपने अपने घरों में सादगी के साथ खरना पूजा का अनुष्ठान किया। इसके पूर्व व्रतियों ने स्नान कर खीरा पीठा और रोटी का प्रसाद बनाया। फिर अराध्यदेव श्रीसूर्यनारायण और छठ्ठी मइया का नमन कर खरना सह लोहड़ पूजा का अनुष्ठान विधि-विधान से किया। साथ ही 36 घंटे निर्जला उपवास का संकल्प लिया। हलांकि छठ पूजा इस बार काफी कम घरों में आयोजित किया गया है। सोमवार की शाम श्रद्धालु अस्ताचलगामी और मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को दूसरा अर्ध्य दान घर परिसर में कर मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगेंगे।

 

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  • Web Title:Chaiti Chhath 2020: Chhath Vratis offered jaggery kheer and ghee mixed roti in the fear of Corona