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कुंडली में बुधादित्य योग बनने से चमक जाएगी किस्मत, होगा महालाभ, जानें इसके फायदे

Surya-Budh Yuti In Kumbh Rashi : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 20 फरवरी को बुध कुंभ राशि में गोचर करेंगे और सूर्य के साथ मिलकर बुधादित्य योग का निर्माण करेंगे। आइए जानते हैं बुधादित्य योग के फायदे...

कुंडली में बुधादित्य योग बनने से चमक जाएगी किस्मत, होगा महालाभ, जानें इसके फायदे
Arti Tripathiलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 20 Feb 2024 03:15 PM
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Budhaditya Rajyog : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में जब सूर्य और बुध एक साथ आते हैं, तो बुधादित्य योग का निर्माण होता है। कल यानी 20 फरवरी को बुध ग्रह कुंभ राशि में गोचर करेंगे और सूर्य के साथ मिलकर बुधादित्य योग बनाएंगे। ज्योतिष मं यह योग बेहद शुभ माना गया है। मान्यता है कि सूर्य-बुध की युति के शुभ प्रभाव से सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है और सभी कार्यों में शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि कुंडली में बुधादित्य योग बनने से क्या प्रभाव पड़ता है ?

कुंडली में बुधादित्य योग का प्रभाव

-ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रथम भाव में बुधादित्य योग के निर्माण से जातक को समाज में खूब मान-सम्मान मिलता है। ऐसे लोग अपने करियर को लेकर बहुत सीरियस रहते हैं और सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहते हैं।

-कुंडली में दूसरे भाव में बुधादित्य योग बनने से जातक को धन-वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। शैक्षिक कार्यों में रुचि बढ़ता है।

-तीसरे भाव में बुधादित्य योग के निर्माण से नौकरी-कारोबार में सफलता के योग बनते हैं। परिजनों का सहयोग मिलता है, लेकिन रिश्तों में तकरार का सामना करना पड़ सकता है।

-किसी व्यक्ति के कुंडली में चतुर्थ भाव में बुधादित्य योग बनने से भूमि और वाहन का सुख प्राप्त होता है। सरकारी नौकरी के योग बनते हैं और ऐसे लोग विद्वान लोगों के साथ रहना पसंद करते हैं।

-कुंडली में पांचवे भाव में सूर्य और बुध की युति होने से आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ती है। संतान का सुख मिलता है। कहा जाता है कि ऐसे व्यक्ति का संतान परिवार के सदस्यों का नाम रौशन करता है।

-छठे भाव में  बुधादित्य योग बनने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलता है। हालांकि, विरोधियों के चलते छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

-कुंडली में सप्तम भाव में बुधादित्य योग बनने से वैवाहिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।  जीवनसाथी का सहयोग नहीं मिलता है। लव लाइफ में परेशानियां बनी रहती हैं।

-आठवें भाव में सूर्य और बुध के साथ आने से व्यक्ति को व्यापार में सफलता मिलता है, लेकिन दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। 

-कुंडली में नौवें भाव में बुधादित्य योग का निर्माण होना बेहद शुभ होता है। मान्यता है कि इससे जातक को जीवन के हर क्षेत्र में अपार सफलता मिलती है।

-दसवें भाव में बुधादित्य योग बनने से व्यक्ति चतुर और साहसी बनता है। ऐसे लोगों को नौकरी-कारोबार में अपार सफलता मिलती है।

-कुंडली में एकादश भाव में बुधादित्य योग बनने से जातक के धन-दौलत में वृद्धि के योग बनते हैं। आय के कई स्त्रोतों से धन लाभ होगा।

-द्वादश भाव में सूर्य और बुध की युति आर्थिक दृष्टि से शुभ होती है, लेकिन घरेलू दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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