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19 सितम्बर, 2020|9:26|IST

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भादो : इसी माह जन्मे कान्हा, मनाए जाते हैं कई त्योहार

भाद्रपद अथवा भादो माह भगवान श्रीकृष्ण का माह माना जाता है। इस माह कई त्योहार मनाए जाते हैं। यह माह चातुर्मास के चार पवित्र माह का दूसरा माह है। अपनी गलतियों को याद कर उनका प्रायश्चित करने के लिए यह माह सर्वोत्तम है।

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म इस मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में हुआ था। हल षष्ठी के दिन बलराम का जन्म माना जाता है। हल षष्ठी को भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की छठ को मनाया जाता है। भाद्रपद में कृष्ण पक्ष तृतीया को कजली तीज नाम से जाना जाता है। इस माह कृष्ण एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। इस माह में अमावस्या पितृ शांति के लिए पिंड दान, तर्पण के लिए शुभ फलदायी मानी जाती है। इस माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थ तिथि को श्रीगणेश चतुर्थी मनाई जाती है। भाद्रपद माह में शुक्ल पंचमी को ऋषि पंचमी नाम से जाना जाता है। भाद्रपद माह में अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। इस माह एक समय भोजन करना चाहिए। पलंग पर सोना, झूठ बोलना और दूसरे का दिया भोजन नहीं करना चाहिए। हरी सब्जी, मूली एवं बैंगन आदि का त्याग करना चाहिए। भाद्रपद माह में भगवान श्रीगणेश को 21 पत्तों को अर्पित करने का महत्व है। इस माह पीले रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए। इस माह दही का प्रयोग करना वर्जित है। भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी दल अर्पित करें। इस माह श्रीमद्भगवदगीता का पाठ करें। इस माह लड्डू गोपाल और शंख की स्थापना से घर में संपन्नता आती है। इस पूरे माह सात्विक रहें। तुलसी का सेवन करना शुभकारी माना जाता है।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।