Ashwin month - पूर्वजों का आशीर्वाद और देवी मां की कृपा प्रदान करता है यह अद्भुत माह DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पूर्वजों का आशीर्वाद और देवी मां की कृपा प्रदान करता है यह अद्भुत माह

आश्विन माह हिंदू पंचांग में वर्ष का सातवां माह है। इस माह में श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से पूर्वजों का आशीर्वाद और देवी मां की कृपा दोनों ही प्राप्त की जा सकती हैं। देव और पितृ, दोनों के लिए यह माह महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में शुभ कार्य की मनाही है और पौधों का रोपण करना इस माह शुभ माना जाता है। आश्विन मास का प्रारंभ पितृपक्ष से होता है। कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस तक की अवधि पितरों को समर्पित है। आश्विन अमावस्या को पितृ अमावस्या या महालया नाम से जाना जाता है।

आश्विन माह में सूर्यदेव की उपासना विशेष रूप से लाभकारी है। इस माह में पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मा शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। इसी माह इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाता है। शारदीय नवरात्र भी इसी माह आरंभ होते हैं। विजयदशमी पर्व भी इसी माह मनाया जाता है। इस माह आने वाली पापकुंशा एकादशी पर भगवान विष्णु का व्रत रखा जाता है। आश्विन मास में कावेरी में स्नान का विशेष महत्व है। इस माह शारदीय नवरात्र में देवी मां की उपासना से उनकी कृपा प्राप्त की जाती है। नवरात्र में सप्तशती का पाठ अवश्य करें। आश्विन मास में पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के अवसर पर चंद्रमा की किरणें अमृतमयी गुणों से युक्त रहती हैं, जो कई रोगों से मुक्ति प्रदान करती हैं। इस माह ब्राह्मणों को भोजन कराने से उन्नति प्राप्ति होती है। इस माह में शरीर को ढंककर रखें। माना जाता है कि इस माह प्रतिदिन घी का दान करने से सौंदर्य की प्राप्ति होती है। इस माह दूध का प्रयोग वर्जित माना जाता है।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Ashwin month