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17 अक्तूबर, 2020|9:41|IST

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Ashwin Maas 2020: 3 सितंबर से शुरू हो रहा अश्विन मास, विशेष लाभ के लिए इस माह में इन चीजों का करें दान

सनातन धर्म में अश्विन मास का विशेष महत्व होता है। इस माह को धर्म-कर्म की दृष्टि से खास माना जाता है। इस साल अश्विन मास 3 सितंबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अधिक मास रहेगा। इस माह को पुरूषोत्तम मास के नाम से भी जानते हैं। अश्विनी या अधिक मास में दान का विशेष महत्व माना गया है, इसके अलावा इस अवधि में शुभ कार्य करने की मनाही होती है।

जानिए क्यों इस माह में दान करना शुभ-

माना जाता है कि अश्विन मास में दान करने से दोगुने पुण्य की प्राप्ति होती है। दान से देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं, जिससे जीवन में सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है। अश्विन माह के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक पिृतपक्ष होता है। जिसमें पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। अश्विन मास में तिल और घी का दान करना पुण्यकारी माना जाता है। इसके अलावा इस मास में कृष्णपक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक पितरों से जुड़ा पिंडदान करना चाहिए। वहीं पितरों की पुण्य तिथि पर ब्राह्मण को भोजन कराने का विशेष महत्व होता है।

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बुरी आदतों का त्याग कर मन करें शुद्ध-

अश्विन मास को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना गया है। कहा जाता है कि इस माह में व्यक्ति को अपनी बुराइयों का त्याग कर मन शुद्ध करना चाहिए। इस माह में नेगेटिव एनर्जी का नाश कर अध्यात्म में मन लगाकर पॉजिटिव ऊर्जा ग्रहण करनी चाहिए। अश्विनी मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में भगवान विष्णु की पूजा करना और कथा सुनना अश्विनी मास में उत्तम होता है।

इन कामों से बचना चाहिए-

अश्विन मास में तीर्थ यात्रा या शुभ कार्य जैसे विवाह, गृहप्रवेश या भूमि की खरीदारी आदि नहीं करना चाहिए। 

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  • Web Title:Ashwin Month 2020 Know Purushottam Maas Ashwin Maas or Adhik Maas September Start Date to End Date and Significance