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भगवान विष्णु को प्रिय है यह माह

आषाढ़ माह को वर्षा ऋतु का महीना भी कहा जाता है। इस माह से वर्षा ऋतु का आरंभ होता है। यह माह बहुत पवित्र माना जाता है। इस माह कई व्रत एवं त्योहार मनाए जाते हैं। यह माह भगवान विष्णु का प्रिय पुरुषोत्तम माह माना जाता है। मान्यता है कि इस माह किया गया दान-पुण्य फलदायक होता है। इस माह को कामना पूर्ति का माह कहा जाता है।

इस माह कई व्रत त्योहार मनाए जाते हैं। आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। आषाढ़ अमावस्या भी बहुत पवित्र मानी जाती है। इस माह में शुक्ल पक्ष द्वितीया से भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली जाती है। आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की एकादशी देवशयनी एकादशी कही जाती है। इस तिथि से सभी मांगलिक कार्यक्रमों पर विराम लग जाता है। भगवान विष्णु इस दिन से चतुर्मास के लिए शयन में चले जाते हैं और देवउठनी एकादशी को जागृत होते हैं। इस मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा कहा जाता है। मान्यता है कि आषाढ़ी पूर्णिमा का चन्द्रमा बड़ा पवित्र होता है। इस दिन दान पुण्य अवश्य करें। इस माह सूर्य की उपासना की जाती है। गुप्त नवरात्र भी इसी माह मनाई जाती है। इस माह श्री हरि विष्णु की उपासना से संतान प्राप्ति का वरदान प्राप्त होता है। माना जाता है कि इस माह जल देव की उपासना से धन प्राप्ति सरल हो जाती है। इस माह जल युक्त फल खाने चाहिए। आषाढ़ मास में खड़ाऊं, छाता, नमक तथा आंवले का दान करें।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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