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Apara Ekadashi 2020: 18 मई को अपरा एकादशी, जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत कथा

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Manju
Mon, 18 May 2020 06:57 AM
Apara Ekadashi 2020: 18 मई को अपरा एकादशी, जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत कथा

Apara Ekadashi 2020: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व माना गया है। ज्‍येष्‍ठ मास के कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। इस बार यह एकादशी 18 मई को मनाई जा रही है। अपरा एकादशी को लेकर मान्यता प्रचलित है कि इस दिन व्रत रखने से जातकों को उनके जाने-अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिल जाती है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।  आइए जानते हैं क्या है इस व्रत का शुभ मुहूर्त और व्रत कथा।  

अपरा एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि का आरंभ: 17 मई 2020 को 12:44 बजे
एकादशी तिथि का समापन: 18 मई 2020 को 15:08 बजे
अपरा एकादशी पारण समय: 19 मई 2020 को प्रात: 05:27:52 से 08:11:49 बजे तक
अवधि: 2 घंटे 43 मिनट

अपरा एकादशी व्रत कथा-
भगवान विष्णु की कृपा दिलाने वाले व्रत की कथा इस प्रकार है। महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। राजा का छोटा भाई वज्रध्वज बड़े भाई से द्वेष रखता था। एक दिन अवसर पाकर इसने राजा की हत्या कर दी और जंगल में एक पीपल के नीचे गाड़ दिया। अकाल मृत्यु होने के कारण राजा की आत्मा प्रेत बनकर पीपल पर रहने लगी। मार्ग से गुजरने वाले हर व्यक्ति को आत्मा परेशान करती। एक दिन एक ऋषि इस रास्ते से गुजर रहे थे। इन्होंने प्रेत को देखा और अपने तपोबल से उसके प्रेत बनने का कारण जाना।

 ऋषि ने पीपल के पेड़ से राजा की प्रेतात्मा को नीचे उतारा और परलोक विद्या का उपदेश दिया। राजा को प्रेत योनि से मुक्ति दिलाने के लिए ऋषि ने स्वयं अपरा एकादशी का व्रत रखा और द्वादशी के दिन व्रत पूरा होने पर व्रत का पुण्य प्रेत को दे दिया। एकादशी व्रत का पुण्य प्राप्त करके राजा प्रेतयोनि से मुक्त हो गया और स्वर्ग चला गया।

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