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आमलकी एकादशी 2019: रोगों से मुक्ति दिलाता है आंवला एकादशी व्रत

amlaki ekadashi

आंवले का नाम लेते ही मन में अपनेआप ही खट्ठे-मीठे स्वाद का एहसास होने लगता है। इसकी खासियत ये है कि ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है साथ ही कई बीमारियों में रामबाण का भी काम करता है। इसके अलावा फाल्गुन माह की एकादशी को इसका व्रत भी रखा जाता है।

इस दिन आंवले के पेड़ की विधि-विधान से पूजा कर लोग उपवास रखते हैं। आचार्य मनजीत धर्मध्वज ने बताया कि आमलकी एकादशी व्रत फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। यह व्रत व्यक्ति को रोगों से मुक्ति दिलाने वाला होता है। इस व्रत में आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है।

आंवला एकादशी की महात्मय कथा
आचार्य मनजीत धर्मध्वज ने बताया कि विष्णु पुराण के अनुसार एक बार भगवान विष्णु के मुख से चंद्रमा के समान प्रकाशित बिंदू प्रकट होकर पृथ्वी पर गिरा। उसी बिंदू से आमलक अर्थात आंवले के महान पेड़ की उत्पत्ति हुई। भगवान विष्णु के मुख से प्रकट होने वाले आंवले के वृक्ष को सर्वश्रेष्ठ कहा गया है।

इस फल के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि इस फल के स्मरणमात्र से रोग एवं ताप का नाश होता है तथा शुभ फलों की प्राप्ति होती है। यह फल भगवान विष्णु जी को अत्यधिक प्रिय है। इस फल को खाने से तीन गुना शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

आमलकी एकादशी 2019: मोक्ष के मार्ग पर ले जाता है यह पवित्र व्रत

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  • Web Title:amlaki ekadashi 2019 fasting helps in fighting diseases