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Akshaya Tritiya : अक्षय तृतीया पर बन रहा है अद्भभुत संयोग, नोट कर लें पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व से लेकर सबकुछ

Akshaya Tritiya 2024 :अक्षय तृतीया के दिन किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए शुभ मुहूर्त नहीं देखा जाता है। साथ ही मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने से आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं।

Yogesh Joshi हिन्दुस्तान टीम, शाहजहांपुरFri, 10 May 2024 10:17 AM
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Akshaya Tritiya : अक्षय तृतीया के दिन किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए शुभ मुहूर्त नहीं देखा जाता है। साथ ही मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने से आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं। महावीर पंचाग के अनुसार इस साल वैशाख शुक्ल तृतीया का क्षय हो गया है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का शुभारंभ 10 मई को सुबह 05 बजकर 31 मिनट पर हो रहा है और इस तिथि का समापन 11 मई रात्रि 04 बजकर 11 मिनट पर हो जाएगा। इसलिए अक्षय तृतीया पर्व 10 मई शुक्रवार को मनाया जाएगा। गुरु एवं शुक्र अस्त होने के कारण वैवाहिक मुहूर्त का अभाव है, फिर भी अक्षय तृतीया पर वैवाहिक एवं मांगलिक उत्सव होगें।

श्री रुद्र बालाजी धाम के पंडित डा. कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन गजकेसरी योग और धन योग बन रहे हैं, जो मेष, वृष, और मीन राशि वालों के लिए बेहद शुभ रहेंगे। वहीं दूसरी ओर इस दिन सूर्य और शुक्र की मेष राशि में युति हो रही है, जिससे शुक्रादित्य योग बन रहा है। इसके साथ ही मीन राशि में मंगल और बुध की युति से धन योग, शनि के मूल त्रिकोण राशि कुंभ में होने से शश योग और मंगल के अपनी उच्च राशि मीन में रहकर मालव्य राजयोग और वृषभ राशि में चंद्रमा और गुरु की युति से गजकेसरी योग बन रहा है।

अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त

अक्षय तृतीया के दिन जप, तप और हवन के लिए सुबह 05 बजकर 31 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट के बीच की अवधि सबसे उत्तम है। साथ ही इस दिन रवि योग का निर्माण हो रहा है। जिस वजह से इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

सोना खरीदने का शुभ समय

10 मई को

दोपहर 12.07 से 1.47

सायं 05.08 से 06.49

भरे जलपात्र का करें दान

इस बार ग्रहों के संयोग को देखते हुए अक्षय तृतीया पर भरा हुआ जलपात्र, मिष्ठान्न, श्वेत वस्त्र, नमक, शरबत, चावल, चांदी का दान करना बेहद शुभ फलदायी होगा। अक्षय तृतीया के दिन नए संवत्सर के पंचांग, धार्मिक पुस्तकों और फलों का दान भी पुण्यदायक होता है।

अक्षय तृतीया का महत्व

अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। वहीं शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्‍णु के परशुराम अवतार का जन्‍म हुआ था। अक्षय तृतीया के दिन ही युधिष्ठिर को कृष्‍णजी ने अक्षय पात्र दिया था। जिसमें कभी भी भोजन समाप्‍त नहीं होता था। इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

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