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Akshaya tritiya kyu manai jati hai: अक्षय तृतीया पर सोना नहीं खरीद सकते तो करें तांबे के बर्तन और कौड़ियों की खरीदारी

Akshaya Tritiya If you cannot buy gold वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया (10 मई) को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाएगा। इस पर्व में सोना-चांदी आदि की खरीदारी का विशेष महत्व है, लेकिन सोना और चांदी की कीमतें आ

Anuradha Pandey वरीय संवाददाता, पटनाFri, 10 May 2024 07:33 AM
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 अक्षय तृतीया पर तांबे के बर्तन और कौड़ियों की भी खरीदारी शास्त्रत्त् सम्मत है। सोने-चांदी की बढ़ी कीमतों को देखते हुए और भी कई विकल्प हैं जिन्हें आजमाया जा सकता है। वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया (10 मई) को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाएगा। इस पर्व में सोना-चांदी आदि की खरीदारी का विशेष महत्व है, लेकिन सोना और चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं। पटना के बाजार में सोना 73 हजार रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 82 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। ऐसे में पर्व पर लोग सोना-चांदी के विकल्प की तालाश कर रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पीके युग बताते हैं कि अक्षय तृतीया का संबंध धन्वंतरी से रहा है। पहले लोग सोना-चांदी की जगह अक्षय तृतीया पर्व पर तांबा के बर्तन, कौड़ी, रूई, सेंधा नमक, घड़ा, जौ, पीली सरसों आदि खरीदते थे और दान भी करते थे। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन किए गए दान का कभी क्षय नहीं होता है। इसलिए जो सोना-चांदी की खरीदारी नहीं कर सकते वे शुभ मुहूर्त में इनके विकल्पों की खरीदारी करें।

मत्स्य पुराण के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की आराधना करें। इस दिन सामर्थ्य अनुसार जल, अनाज, गन्ना, दही, सत्तू, सुराही, हाथ से बना पंखा आदि का दान करने से विशेष फल मिलता है। बताते चलें कि इस दिन सुकर्मा, गजकेसरी और शश योग का निर्माण हो रहा है।

सोना-चांदी के कारोबारी अक्षय तृतीया को लेकर काफी उत्साह में हैं। बाजार में कई तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं। जबकि सोना और चांदी की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि पटना में 10 ग्राम सोना (24 कैरेट) की कीमत 74 हजार 350 रुपए प्रति दस ग्राम है और चांदी की कीमत 84 हजार प्रति किलो है। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया को देखते हुए लाइट वेट आभूषणों का बड़ा रेंज बाजार में उतारा गया है। उन्होंने आशंका जताया कि इस बार अक्षय तृतीया पर लग्न नहीं होने, कीमतें आसमान छूने और आम चुनाव का प्रभाव सोना-चांदी की खरीदारी पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

 

पड़ रहा है गजकेसरी, शश और सुकर्मा योगइस वर्ष यह पर्व गजकेसरी, शश और सुकर्मा योग में पड़ रहा है। जो श्रद्धालुओं और खरीदारों के लिए बेहद शुभ और लाभकारी माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पीके युग बताते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन रोहिणी नक्षत्र के कारण इसका महत्व काफी बढ़ जाता है। अक्षय तृतीया पूजा सुबह 7.44 बजे से दोपहर 12.20 बजे के बीच करना चाहिए। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता हैइस दिन कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है।

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