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हिंदी न्यूज़ धर्मAhoi Ashtami 2021: आज ऐसे रखा जाएगा अहोई अष्टमी का व्रत, जानिए व्रत नियम व शुभ मुहूर्त

Ahoi Ashtami 2021: आज ऐसे रखा जाएगा अहोई अष्टमी का व्रत, जानिए व्रत नियम व शुभ मुहूर्त

लाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीPriyanka Sharma
Thu, 28 Oct 2021 11:23 AM
Ahoi Ashtami 2021: आज ऐसे रखा जाएगा अहोई अष्टमी का व्रत, जानिए व्रत नियम व शुभ मुहूर्त

Ahoi Ashtami 2021: संतान की लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए किया जाने वाला अहोई अष्टमी व्रत कल है. आपको बता दें, करवाचौथ के बाद अहोई अष्टमी व्रत आता है, जिसे कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का त्योहार मनाया जाता है।

Ahoi ashtami vrat katha: यहां पढ़ें अहोई अष्टमी व्रत की संपूर्ण कहानी

अहोई अष्टमी एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन माताओं की ओर से मनाया जाता है।  यह त्योहार उत्तर भारत में अधिक लोकप्रिय है। परंपरागत रूप से, माताएं अपने बेटी- बेटों के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए दिन भर उपवास रखती हैं।

कब आता है अहोई का व्रत

अहोई अष्टमी कार्तिक के हिंदू महीने में मनाई जाती है, जो सितंबर और अक्टूबर के बीच आती है। करवा चौथ के चार दिन बाद और दिवाली से 7 से 8 दिन पहले का दिन है। इस साल, यह 28 अक्टूबर को पड़ रहा है। इस दिन को अहोई अष्टमी के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह "अष्टमी" या चंद्रमा की घटती अवधि के आठवें दिन पड़ता है।

अष्टमी तिथि शुरू - दोपहर 12:49 बजे, 28 अक्टूबर, 2021

अष्टमी तिथि समाप्त - 2:09 बजे, 29 अक्टूबर, 2021

अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त - शाम 5:02 से शाम 6:17 बजे तक, 28 अक्टूबर 2021

सांझ (शाम) तारे देखने का समय - शाम 5:25 बजे, 28 अक्टूबर 2021

अहोई अष्टमी पर चंद्रोदय - रात 10:57 बजे, 28 अक्टूबर, 2021

ये है रिवाज

अहोई व्रत के दिन माताएं सूर्योदय से पहले उठती हैं और मंदिर में पूजा-अर्चना करती हैं। इसके बाद उनका व्रत शुरू होता है। यह व्रत तब तक चलता है जब तक आकाश में पहले तारे दिखाई नहीं देते। कुछ महिलाएं अपना व्रत तोड़ने से पहले चंद्रोदय का इंतजार करना भी पसंद करती हैं।

अहोई मां या अहोई भगवती के प्रिंट या पेंटिंग दीवार पर चिपका लें, फिर  अहोई मां के चित्र के आगे अनाज, मिठाई और कुछ पैसे चढ़ाए जाते हैं। इन प्रसादों को बाद में घर के बच्चों में बांटा जाता है। कुछ परिवारों में इस दिन अहोई मां की कथा सुनाने की परंपरा है।

आपको बता दें, इस दिन माता पार्वती के अहोई स्वरूप की पूजा की जाती है। अहोई अष्टमी का उपवास भी कठोर व्रत माना जाता है। इस व्रत में माताएं पूरे दिन जल तक ग्रहण नहीं करती हैं। आकाश में तारों को देखने के बाद उपवास पूर्ण किया जाता है। इस दिन संतान की लंबी आयु की कामना करते हुए तारों की पूजा की जाती है।

 

 

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