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29 अक्तूबर, 2020|6:32|IST

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Ahoi ashtami 2020: दिवाली से एक सप्ताह पहले आता है अहोई अष्टमी व्रत, यह पूजा मुहूर्त और कथा

ahoi ashtami

 कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी अहोई अथवा आठें कहलाती है। यह व्रत दीपावली से ठीक एस सप्ताह पूर्व आता है। अधिकतर जिस दिन की अहोई अष्टमी होती है, उसी दिन की दिवाली मनाई जाती है। कहा जाता है इस व्रत को संतान वाली स्त्रियां करती हैं। यह व्रत महिलाओं अपनी संतान की लंबी उम्र और मंगलकामना के लिए करती हैं। परिवार की सुख समृद्धि और खुशहाली के लिए अहोई माता का व्रत रखा जाता है और विधि विधान से उनकी पूजा अर्चना की जाती है। इस दिनअहोई देवी के चित्र के साथ सेई और सेई के बच्चों का चित्र बनाया जाता है और उकी पूजा की जाती है। 

Ahoi ashtami tithi: पंडित दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार इस बार अहोई अष्टमी 8 नवम्बर 2020 दिन रविवार को है। कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी को सम्पूर्ण भारत वर्ष में मनाया जाने वाला यह पर्व 8 अक्टूबर 2020 दिन रविवार को होगा । 8 नवंबर को सूर्योदय से लेकर रात में 1:36 तक अष्टमी तिथि व्याप्त रहेगी। इस पर्व में भी चन्द्रोदय व्यापिनी अष्टमी का ही विशेष महत्त्व है ,अतः अष्टमी तिथि में चन्द्रोदय रात में 11:39 बजे होगा। इन दिन सास के चरणों को तीर्थ मानकर उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। वहीं कुछ जगह सास को बायना भी दिया जाता है। 

Ahoi ashtami vrat katha : पुराने समय में एक शहर में एक साहूकार के 7 लड़के रहते थे। साहूकार की पत्नी दिवाली पर घर लीपने के लिए अष्टमी के दिन मट्टिी लेने गई। जैसे ही मिट्टी खोदने के लिए उसने कुदाल चलाई वह सेह की मांद में जा लगी। जिससे कि सेह का बच्चा मर गया। साहूकार की पत्नी को इसे लेकर काफी पश्चाताप हुआ। इसके कुछ दिन बाद ही उसके एक बेटे की मौत हो गई। इसके बाद एक-एक करके उसके सातों बेटों की मौत हो गई। इस कारण साहूकार की पत्नी शोक में रहने लगी। एक दिन साहूकार की पत्नी ने अपनी पड़ोसी औरतों को रोते हुए अपना दुख की कथा सुनाई। जिस पर औरतों ने उसे सलाह दी कि यह बात साझा करने से तुम्हारा आधा पाप कट गया है। अब तुम अष्टमी के दिन सेह और उसके बच्चों का चत्रि बनाकर मां भगवती की पूजा करो और क्षमा याचना करो। भगवान की कृपा हुई तो तुम्हारे पाप नष्ट हो जाएंगे। ऐसा सुनकर साहूकार की पत्नी हर साल कार्तिक मास की अष्टमी को मां अहोई की पूजा व व्रत करने लगी। माता रानी कृपा से साहूकार की पत्नी फिर से गर्भवती हो गई और उसके कई साल बाद उसके फिर से सात बेटे हुए। तभी से अहोई अष्टमी का व्रत चला आ रहा है।

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  • Web Title:Ahoi ashtami 2020: Ahoi Ashtami fast comes before Diwali know Puja Muhurta and vrat Katha