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18 अक्तूबर, 2020|3:08|IST

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Adhik maas 2020: आज से शुरू हो रहा है अधिकमास, ये 5 कार्य आपको देंगे शुभफल

मलमास 8 सितंबर से शुरू हो रहा है। इसे अधिक मास और पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। ये महीना भगवान विष्णु और शिव का महीना है। 18 अक्टूबर 16 अक्टूबर तक मलमास चलेगा। इस महीने में जितना हो सकें दान-पुण्य करें। ऐसी मान्यता है कि मलमास में किए गए दान, पूजा-पाठ और व्रत का कई गुना फल मिलता है।

इन दिनों में भागवत पुराण का भी विशेष पाठ किया जाता है। आपको बता दें कि पितृपक्ष और मलमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। यही वजह है कि इस बार इस बार शुभ मुहूर्त समेत लग्न 123 दिन के बजाय 148 दिन बाद 25 नवंबर से आरंभ होगा। इस दिन  25 तारीख को देवउठनी एकादशी पर श्री हरि निंद्रा से जगेंगे। उसी के साथ मांगलिक कार्य शुरू होंगे।

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कहते हैं कि अधिक मास में भगवान विष्णु की सत्यनारायण की कथा करनी चाहिए।

इस दिन कोशिश करें कि पीली वस्तुओं का दान करें। गुरुवार को यह दान आपकी कुंडली में गुरु को बलवान करेगा। इससे आपके जीवन में सफलता के योग बनेंगे। 

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इस महीने सुबह उठकर भगवान विष्णु की अराधना करें, उन्हें केसर से तिलक करें और तुलसी पूजा करें। भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाएं, साथ सूर्य को जल अर्पित करें।

कई लोग खऱमास में कन्याओं का पूजन भी करते हैं।

इस महीने में जितना हो सकें दान-पुण्य करें। ऐसी मान्यता है कि मलमास में किए गए दान, पूजा-पाठ और व्रत का कई गुना फल मिलता है।

इसलिए आता है मलमास

चन्द्रमा 29.5 दिनों में पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरा करता है। चन्द्रमा की 12 परिक्रमा 354 दिन में पूरी होती है। इसलिये चन्द्र वर्ष 354 दिन का होता है, जो सौर वर्ष से 11 दिन कम होता है। इस प्रकार तीन वर्षों में 33 दिन का अंतर आ जाता है। इसी कमी को तीन वर्षों में 13 महीने मानकर एक महीने का मलमास पड़ता है।

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  • Web Title:Adhik maas 2020: More month is starting tomorrow these 5 tasks will give you auspiciousness