DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अचला सप्तमी 2019: आज है सूर्य सप्तमी, 7 सालों बाद दुर्लभ संयोग

Surya

राजधानी सहित पूरे प्रदेश में माघ शुक्ल सप्तमी मंगलवार 12 फरवरी यानी आज भगवान भास्कर की जयंती सूर्य सप्तमी मनाई जा रही है। इसे अचला सप्तमी भी कहा जाता है। मंदिरों में विशेष पूजन किए जाएंगे। धर्मशास्त्रों में माघ सप्तमी पर भगवान सूर्य का आर्विभाव दिवस बताया गया है। माघ सप्तमी को सूर्य की जयंती के साथ अचला सप्तमी के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिवस पर व्रत (नमक रहित भोजन) और गंगा स्नान करने की बड़ी महिमा है। गुड़ का सेवन करते हैं। 

ज्योतिषाचार्य प्रियेंदू प्रियदर्शी के मुताबिक माघ शुक्ल सप्तमी तिथि पर इस बार कृतिका व भरणी नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह संयोग सात वर्ष के बाद बना है। इसी तिथि को ही भगवान भास्कर ने पहली बार प्रकाश प्राप्त किया था। इसे भानू सप्तमी , अचला सप्तमी और पुत्र सप्तमी भी कहा जाता है। भविष्य पुराण में इसे पूरे वर्ष का सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

चावल, तिल, दूर्वा, चंदन व इत्र जल में मिलाकर अर्घ्य दें महालक्ष्मी योग में पूजा करें।ज्योतिषाचार्य पीके युग के मुताबिक सूर्य सप्तमी पर महालक्ष्मी व रुचक योग का भी संयोग बन रहा है। चंद्रमा व मंगल की युति से महालक्ष्मी बनेगा। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Achla Saptami 2019: konw surya Saptami date and After 7 years surya Saptami has durlabh sanyog