रविवार को भूलकर भी ना पहनें इस रंग के कपड़े, नाराज हो जाते हैं सूर्य भगवान

Aug 30, 2025 10:32 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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हफ्ते के सारे दिन किसी ना किसी ग्रह से रिलेटेड होते हैं। रविवार का संबंध सूर्यदेव से है। कुछ रंग ऐसे हैं जो सूर्यदेव के विपरीत हैं, इन्हें पहनने से बचना चाहिए। नीचे विस्तार से जानें कि आखिर रविवार के लिए किस रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।

रविवार को भूलकर भी ना पहनें इस रंग के कपड़े, नाराज हो जाते हैं सूर्य भगवान

सनातन धर्म में हर एक दिन का विशेष महत्व होता है। एक-एक दिन अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित हैं। साथ ही सोमवार से लेकर रविवार तक हर एक दिन को ग्रहों से भी जोड़कर देखा जाता है। बात की जाए रविवार की तो इसे सूर्यदेव के लिए माना जाता है। मान्यता है कि जो लोग रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना करते हैं, उन्हें कई लाभ मिलते हैं। जिसकी भी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, उसे हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। साथ ही सारे काम आसानी से बन जाते हैं। साथ ही ऐसे लोगों को धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती है। दिनों को रंगों से भी जोड़कर देखा जाता है। मानते हैं कि दिन के हिसाब से अगर कपड़े पहने जाए तो इसका खूब फल मिलता है और मन भी शांत रहता है। जानते हैं कि आखिर रविवार को किस रंग के कपड़े पहनने से दिन अच्छे से बीत जाता है।

रविवार को पहने इस रंग के कपड़े

रविवार के दिन अगर सूर्य के कलर के शेड्स पहने जाए तो इसे काफी शुभ मानते हैं। नारंगी, पीले और लाल रंग के शेड वाले कपड़ों को रविवार के दिन पहन सकते हैं। ये तीनों रंग इतने प्रभावशाली होते हैं कि इनका असर जिंदगी में भी पड़ता नजर आता है। इन रंगों में उम्मीद की किरण के साथ-साथ ढेर सारी पॉजिटिव एनर्जी होती है। साथ ही ये रंग एक अलग तरह की एनर्जी का संचार करते हैं, जिससे दिन भर एनर्जेटिक महसूस हो किया जा सकता है।

इन रंगों से बचना चाहिए

रविवार के दिन कुछ रंगों के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। काले और नीले रंग के कपड़े इस दिन बिल्कुल भी ना पहनें। अगर आप ग्रे रंग को भी अवॉइड कर सकते हैं तो ये भी अच्छा ही होगा। मान्यता है कि काले और नीले रंग के कपड़ों को पहनने से सूर्य और शनि के बीच कड़वाहट पैदा होती है और भगवान सूर्य नाराज भी होते हैं. ऐसे में कुंडली में सूर्य की स्थिति बहुत ही ज्यादा कमजोर हो जाती है। इसी के साथ जिंदगी में तनाव बढ़ने लगता है और धीरे-धीरे सारे काम रूकने लगते हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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