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इन लोगों पर रहती है शनिदेव की विशेष कृपा

साढ़ेसाती से किसे डर नहीं लगता। जैसे ही साढ़ेसाती का नाम सुना, लोगों के पसीने छूटने लगते हैं। माना जाता है कि शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू होते ही कष्‍ट के दिन शुरू हो जाते हैं। काम बिगड़ने लगते हैं। जीवन कष्‍टमय हो जाता है। उनके जीवन में उन्हें कई तरह की परेशानियां आने लगती है। शनि जब भी एक राशि से दूसरी में गोचर करते है तो व्यक्ति की जन्मराशि से अगली और पिछली राशि में शुभ और अशुभ दोनों तरह के फल प्रदान करते हैं। हालांकि एक सत्‍य यह भी है कि शनि का गोचर हमेशा के लिए बुरा नहीं होता। कुंडली की दशा के हिसाब से कुछ लोगों के लिए शनि की साढे़साती शुभ भी हो सकती है।

माना जाता है कि जिन लोगों पर साढ़ेसाती में शनि की कृपा रहती है उन्‍हें कोई कमी नहीं रहती। ऐसे लोगों को जीवन में अपार धन-दौलत, समृद्धि और मान-सम्मान मिलता है। ज्‍योतिषीय दृष्‍टि के अनुसार जब जातक की कुंडली में किसी शुभ ग्रह की दशा या महादशा चल रही होता है और उस दौरान शनि की साढेसाती भी है तो ऐसी दशा में शनि ऐसे लोगो पर अपनी टेी दृष्टि कम डालते हैं। ऐसे लोगों को सफलता जरूर मिलती है लेकिन उसके के लिए थोडा उन्हें मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है।

शनि अगर किसी जातक की कुंडली में तीसरे, छठे, आठवें और बारहवें घर में उच्च है तो ऐसे व्यक्ति पर शनि की साढेसाती होने के बावजूद उन्हें शुभ फल देते हैं।

अगर किसी की कुंडली में चंद्रमा मजबूत भाव में बैठा है तो शनि की साढेसाती के दौरान भी जातक पर कोई ज्यादा बुरा असर नहीं होता। ऐसे व्यक्तियों को लाभ मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।

मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं जबकि तुला राशि में शनि उच्च के होते हैं ऐसे में शनि की साढेसाती होने के बाद भी इन तीन राशियों पर शनि की छाया का असर कम होता है।

(ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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  • Web Title:Shani Dev offers special grace rests on these people
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