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जानिए, हनुमान जी के ऐसे मंदिर जहां पूरी होती हैं मनोकामनाएं

हिन्दू धर्म में रामभक्त हनुमान के पूजन का काफी महत्व है। हनुमान जी पूजा करने का सबसे शुभ दिन मंगलवार है। पूरे देश में हनुमान जी के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां पर पूजन करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जानिए ऐसे मंदिरों के बारे में जहां हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्‍व है।

हनुमान गढ़ी अयोध्या-
अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर के राजा हैं हनुमान जी। ऐसा माना जाता है कि मंदिर में जब हनुमान जी पूजा होती है उस समय वरदान मांगने वाले की हर इच्छा पूरी होती है। ऐसी मान्‍यता है कि लंका विजय के बाद हनुमानजी पुष्पक विमान में भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण जी के साथ यहां आए थे। तब से वो हनुमानगढ़ी में विराजमान हो गये। मान्यताओं के अनुसार जब भगवान राम परमधाम जाने लगे तो उन्होंने अयोध्या का राजकाज हनुमान जी को ही सौंपा था।

पंचमुखी हनुमान, कानपुर-
कानपुर के पनकी में स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर की महिमा निराली है। यहां हनुमान जी और लवकुश का युद्ध हुआ था। युद्ध के बाद माता सीता ने हनुमान जी को लड्डु खिलाए थे, इसीलिए इस मंदिर में भी उन्हें लड्डुओं का ही भोग लगता है। माना जाता है कि यहां आने वाले भक्तों की सारी इच्छा सिर्फ लड्डू चढ़ाने से पूरी हो जाती हैं।

हनुमान मंदिर, झांसी -
झांसी के हनुमान मंदिर की आश्चर्यजनक बात ये है कि यहां के रोज सुबह पानी ही पानी बिखरा रहता है और कोई नहीं जानता कि ये पानी आता कहां से है। यहां हनुमान जी की पूजा-पाठ इसी पानी के पानी के बीच ही पूरी होती है। माना जाता है कि इस मंदिर के पानी का औषधीय गुणों से भरपूर है और इस पानी से चर्म रोग दूर होता है।

 

मूर्छित हनुमान मंदिर, इलाहाबाद-
कहते हैं हनुमान जी संगम किनारे भारद्वाज ऋषि से आशीर्वाद लेने आये थे लेकिन वह इतने कमजोर हो गये थे कि उन्होंने प्राण त्यागने का निर्णय लिया। तभी मां सीता आईं और उन्होंने सिंदूर का लेप लगाकर उन्हें नया जीवनदान दिया। इसी मान्यता के अनुसार यहां पर जो भी भक्त, हनुमान जी को लाल सिंदूर का लेप करते हैं उसकी सभी कामनाऔं पूरी होती हैं।

बंधवा हनुमान मंदिर, विन्ध्याचल -
विन्ध्याचल पर्वत के पास विराजते हैं बंधवा हनुमान। यहां पर ज्यादातर लोग शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए पूजन करने आते हैं। यहां पर शनिवार को लड्डू, तुलसी और फूल चढ़ने से साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है।

यहां होती है खंडित हनुमान प्रतिमा की पूजा -
माना जाता है कि चंदौली के कमलपुरा गांव में बरगद के पेड़ से हनुमान जी प्रकट हुए थे। यहां पर बरगद से प्रकट हुए हनुमानजी की खंडित प्रतिमा की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि बरगद वाले हनुमान भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यहां पर शनिवार को लाल फूल और सिंदूर चढ़ाने की बड़ी मान्याता है।

(ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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  • Web Title:Know such temples of Hanuman Ji where wishes are fulfilled
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