
Saphala Ekadashi 2025: सफला एकादशी पर करें ये 7 उपाय, भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के आशिर्वाद से बढ़ेगी सुख-समृद्धि
साल 2025 में सफला एकादशी 15 दिसंबर, दिन सोमवार को मनाई जाएगी। इस पावन दिन कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करते हैं और जीवन में अपार सफलता, वैभव प्रदान करते हैं।
हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहा जाता है। 'सफला' का अर्थ है सफलता देने वाली। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से जीवन में रुके हुए कार्य पूरे होते हैं, सुख-समृद्धि बढ़ती है और पापों का नाश होता है। साल 2025 में सफला एकादशी 15 दिसंबर, दिन सोमवार को मनाई जाएगी। इस पावन दिन कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करते हैं और जीवन में अपार सफलता, वैभव प्रदान करते हैं।

नौमुखी दीपक जलाएं
सफला एकादशी के दिन शाम को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के सामने नौमुखी दीपक (9 बातियों वाला दीपक) जलाएं। दीपक जलाते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि नौमुखी दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मां लक्ष्मी की कृपा से धन-वैभव में वृद्धि होती है। यह उपाय विशेष रूप से आर्थिक संकट दूर करने के लिए फलदायी है।
दक्षिणावर्ती शंख का दूध अभिषेक
दक्षिणावर्ती शंख को पीतल के पात्र में रखें और उस पर शुद्ध दूध से अभिषेक करें। अभिषेक करते समय 'ॐ विष्णवे नमः' मंत्र बोलें। इसके बाद शंख में जल भरकर भगवान विष्णु को अर्पित करें। यह उपाय अत्यंत शुभ माना गया है। इससे घर में सकारात्मकता आती है, रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और माता लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करती हैं।
विष्णु सहस्रनाम और लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ
सफला एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ अवश्य करें। पूजा शुरू करने से पहले विष्णु सहस्रनाम पढ़ें और पूजा समाप्ति के बाद लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें। ये पाठ कम से कम एक बार तो जरूर करें। इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। यह उपाय आत्मिक शांति और सफलता प्रदान करता है। अगर समय कम है, तो 108 बार 'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र जपें।
गरीबों को दान दें
इस दिन गरीब और जरूरतमंदों को वस्त्र, अन्न, अनाज या फल दान करें। विशेष रूप से पीले वस्त्र, चावल, गुड़ या फल दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। दान करते समय मन में श्रद्धा रखें और 'ॐ लक्ष्मी नारायणाय नमः' बोलें। मान्यता है कि इस दान से पूर्वजन्म के पाप नष्ट होते हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती है। यह उपाय सभी एकादशियों में शुभ है, लेकिन सफला एकादशी पर विशेष फल देता है।
नारायण कवच का पाठ
मां लक्ष्मी की कृपा के लिए सफला एकादशी पर नारायण कवच का पाठ करें। यह पाठ भगवान विष्णु के रक्षा कवच के रूप में जाना जाता है। पाठ करने से हर प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। अगर पूरा पाठ नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम शुरुआती श्लोक पढ़ें। यह उपाय विशेष रूप से संकटों से मुक्ति दिलाता है।
गन्ने के रस से विष्णु जी का अभिषेक
सफला एकादशी के दिन स्नान-ध्यान के बाद लक्ष्मी-नारायण की विधिवत पूजा करें। पूजा के दौरान गन्ने के रस से भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इसके बाद तुलसी पत्र, फूल और फल अर्पित करें। मान्यता है कि गन्ने के रस से अभिषेक करने से मनचाही सफलता प्राप्त होती है और रुके कार्य पूरे होते हैं। यह उपाय सफला एकादशी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गुड़, खीर और अन्य भोग अर्पित करें
आर्थिक लाभ के लिए भगवान विष्णु को गुड़, खीर, हल्दी और चने की दाल का भोग लगाएं। ये चीजें अर्पित करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। भोग लगाने के बाद प्रसाद परिवार में बांटें। यह उपाय व्यापार और नौकरी में उन्नति दिलाता है।
सफला एकादशी का व्रत रखकर और ये उपाय करके भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें। व्रत में फलाहार करें, क्रोध और झूठ से दूर रहें। इन उपायों से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता अवश्य आएगी।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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