
रविवार को ना करें ये गलती, जानें सूर्यदेव की पूजा का सही तरीका, इन 4 मंत्र जाप से मिलेगा लाभ
Surya Dev Puja: रविवार का दिन है सूर्यदेव और सूर्य ग्रह का। इस दिन अगर आप सही उपाय के साथ सूर्यदेव की पूजा करेंगे तो इसके कई लाभ मिल सकते हैं। चलिए जानते हैं सूर्यदेव को पूजने का सही तरीका।
Surya Dev Puja Benefits: हमारे वैदिक पंचाग में हफ्ते के हर दिन को किसी ना किसी देवता या ग्रह से जोड़ा गया है। हर एक दिन का अपना खास महत्व है। इसे ध्यान में रखकर पूजा-पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि लाई जा सकती है और हर एक पड़ाव को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है। ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्यदेव और सूर्य ग्रह से जुड़ा हुआ है। हमारे हिंदू धर्मग्रंथों में भी इसकी महत्ता बताई गई है। साथ ही सुबह-सुबह नहाकर सूर्यदेव को जल चढ़ाना तो हमारी पुरानी परपंरा है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर सूर्यदेव को प्रसन्न करने का सबसे सही उपाय क्या है?
हमारे धर्मग्रंथों में और ज्योतिषी विद्या के अनुसार हर एक पूजा के लिए खास मंत्र जाप होते हैं जिससे प्रभाव दोगुना बढ़ जाता है। सूर्यदेव की पूजा के वक्त जब आप जल अर्पित करें तो कुछ खास मंत्रों का जाप करना चाहिए। नीचे देखें ऐसे ही कुछ खास मंत्र जाप-
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजोराशे जगत्पते। अनुकंपये माम भक्त्या गृहणार्घ्यं दिवाकर:।।
अर्थ: हे सूर्यदेव प्रकाश के भंडार, पूरे संसार के स्वामी, मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें और मेरे द्वारा दिए जाने वाले इस अर्घ्य को स्वीकार कर लीजिए।
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय, सहस्त्रकिरणाय। मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा:।
अर्थ: हे सूर्यदेव जो कि हजारों किरणों वाले हैं, आपसे कामना है कि मेरी सारी मनोकामना को पूरा करें।
ऊँ सूर्याय नमः।
अर्थ: सूर्यदेव को मेरी ओर से नमस्कार।
ऊँ घृणि सूर्याय नमः।
अर्थ: सूर्यदेव को नमस्कार, सूर्य की हर किरण को नमस्कार।
बता दें कि धर्मग्रंथों इन 4 मंत्रों को काफी शक्तिशाली माना गया है। रविवार के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देते वक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ इन मंत्रों का उच्चारण करें।
सूर्यदेव को अर्घ्य देने से लाभ: अगर आपकी कुंडली में सूर्य अच्छा हो तो आपको हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी। वहीं दूसरी ओर इस ग्रह के कमजोर होने से जीवन के हर पड़ाव कष्ट भरे होंगे। ऐसे में सूर्यदेव को अर्घ्य देने से धीरे-धीरे आपके कॉन्फिडेंस में इजाफा होता है और चीजें धीरे-धीरे बदलती जाती हैं।
सूर्ये देव के 21 नाम: सूर्य देवता की कृपा आप पर हमेशा बनी रहें तो इसके लिए सुबह-सुबह उनके 21 नामों को भी पढ़ लेना चाहिए। सूर्यदेव के 21 नामों में विकर्तन, विवस्वान, मार्तण्ड, श्रीमान, लोकचक्षु, गृहेश्वर, लोकसाक्षी, भास्कर, रवि, लोकप्रकाशक, त्रिलोकेश, कर्ता, हर्ता, तमिस्त्रहा, तपन, तापन, शुचि, सप्ताश्ववाहन, गभस्तिहस्त, ब्रह्मा, सर्वदेवनमस्कृत शामिल हैं।
कुछ जरूर बातें: सूर्यदेव की पूजा के वक्त कई बातों का ध्यान हमें खास तौर पर रखना चाहिए। सूर्यदेव को अर्घ्य देते वक्त हमेशा जल की धारा को ध्यान से देखना चाहिए। पूजा के वक्त तांबे के ही बर्तनों का इस्तेमाल करें। वहीं लाल चंदन और लाल फूल से ही पूजा करें। रविवार के दिन नमक और तेल खाने से बचना चाहिए। अगर इस दिन सिर्फ एक ही समय भोजन किया जाए तो ठीक रहता है। साथ ही इस दिन सेविंग नहीं करनी चाहिए और हेयरकट करवाने से भी बचना चाहिए।

लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
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गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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