
प्रेमानंद जी महाराज: अगर आपकी तरक्की और खुशियों को देखकर कोई जलता है तो क्या करें?
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि जब कोई आपकी तरक्की, खुशी या सफलता देखकर जलता है तो यह उसकी अपनी कमजोरी है, लेकिन इससे आपको भी मानसिक कष्ट हो सकता है। जलन करने वाले का कर्म उसे ही भोगना पड़ता है, आपको सिर्फ अपना मन शुद्ध रखना है।
वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद जी महाराज अपने सत्संगों में अक्सर कहते हैं कि कलियुग में जलन और ईर्ष्या सबसे बड़ा पाप है। जब कोई आपकी तरक्की, खुशी या सफलता देखकर जलता है तो यह उसकी अपनी कमजोरी है, लेकिन इससे आपको भी मानसिक कष्ट हो सकता है। जलन करने वाले का कर्म उसे ही भोगना पड़ता है, आपको सिर्फ अपना मन शुद्ध रखना है। आइए महाराज जी से जानते हैं कोई हमसे जले, तो क्या करना चाहिए।
माफ कर दें और दया करें
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि जो जलता है, वह खुद आग में जल रहा है। आप उस पर पानी डालें यानी दया करें। जलन करने वाले को गुस्सा या बदला लेने की भावना ना रखें। महाराज जी हंसते हुए कहते हैं कि उसके जलने से आपकी खुशी कम नहीं होती, बल्कि आपकी भक्ति बढ़ जाती है। उसे मन ही मन माफ कर दें और प्रार्थना करें कि भगवान उसे भी सद्बुद्धि दें। इससे आपका मन शांत रहेगा और जलन का प्रभाव आप पर नहीं पड़ेगा। दया करने से आपका पुण्य बढ़ता है और जलने वाला खुद शर्मिंदा होता है।
राधा नाम जप बढ़ाएं
महाराज जी का सबसे बड़ा उपाय है राधा नाम जप। जलन की नजर लग जाए तो राधा नाम का जप करें। राधा नाम कलियुग की सारी नकारात्मकता जला देता है। जलन करने वाले की बुरी नजर से बचने के लिए रोजाना 108 बार या जितना हो सके राधे राधे जपें। महाराज जी बताते हैं कि राधा नाम की शरण में आने से कोई नजर, जलन या बुरी शक्ति प्रभाव नहीं डाल सकती है। नाम जप से मन में इतनी शक्ति आती है कि दूसरों की जलन आपको छू भी नहीं पाती है।
अपनी सफलता पर घमंड ना करें
प्रेमानंद जी महाराज सलाह देते हैं कि तरक्की मिलने पर घमंड ना करें। सब कुछ राधा-कृष्ण की कृपा से होता है, आप तो सिर्फ निमित्त हैं। अपनी खुशी या सफलता को दिखावा करके ना बताएं, वरना जलन और बढ़ सकती है। विनम्र रहें, सबको सम्मान दें और जरूरतमंदों की मदद करें। दान-पुण्य करें और सफलता का श्रेय भगवान को दें। इससे जलने वाले खुद शांत हो जाते हैं और आप पर भगवान की कृपा और बढ़ती है।
जलन करने वाले से दूरी बनाएं
महाराज जी कहते हैं कि जलने वाले से दूर रहें, लेकिन नफरत मत करें। अगर कोई बार-बार जलन दिखाता है, तो उससे दूरी बना लें, लेकिन मन में द्वेष ना रखें। बातचीत कम करें, लेकिन शुभकामना देते रहें। नफरत करने से आप भी उसके स्तर पर आ जाएंगे। सत्संग सुनें, अच्छी संगति रखें और अपना ध्यान भक्ति में लगाएं। जलन करने वाला खुद अपने कर्मों से पीड़ित होगा, आपको सिर्फ अपना रास्ता देखना है।
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि जलन करने वाले को छोड़ दीजिए, राधा नाम में डूब जाइए। जलन आपकी तरक्की रोक नहीं सकती, क्योंकि आपकी सफलता भगवान की देन है। विनम्र रहें, दया करें और नाम जप करें, जलन का प्रभाव खुद खत्म हो जाएगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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