
क्या इस जन्म में भुगतना पड़ता है पूर्व जन्म का फल? प्रेमानन्द महाराज से जानिए
क्या इंसान को ही इस जन्म में ही पूर्व जन्म का फल भुगतना पड़ता है? प्रेमानंद जी महाराज जब यह सवाल सुनते हैं तो बहुत प्यार से मुस्कुराते हैं और कहते हैं – 'हां बेटा, पूर्व जन्म का फल तो मिलता ही है, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि इस जन्म में हम उसे बदल भी सकते हैं।
भारत के महान संतों में से एक राधा रानी के परम भक्त श्री प्रेमानंद जी महाराज की ज्ञान भरी बातें लोगों को काफी प्रभावित करती हैं। प्रेमानंद जी महाराज के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं, जिसमें वो अपने अनुयायी के सवालों का शास्त्रार्थ जवाब देते हैं। एक वीडियो में कोई भक्त उनसे पुछता है कि महाराज जी क्या इंसान को ही इस जन्म में ही पूर्व जन्म का फल भुगतना पड़ता है? प्रेमानंद जी महाराज जब यह सवाल सुनते हैं तो बहुत प्यार से मुस्कुराते हैं और कहते हैं – 'हां बेटा, पूर्व जन्म का फल तो मिलता ही है, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि इस जन्म में हम उसे बदल भी सकते हैं।'
पूर्व जन्म का फल जरूर मिलता है
महाराज जी कहते हैं – 'जैसे बीज बोओगे, वैसा फल काटोगे। पिछले जन्म में जो कर्म किए, उनका फल इस जन्म में सुख-दुःख, धन-निर्धनता, स्वास्थ्य-बीमारी के रूप में जरूर आता है। कोई बच्चा जन्म से अंधा पैदा होता है, कोई जन्म से राजा – ये सब पिछले जन्म के कर्मों का हिसाब है। शास्त्रों में लिखा है – कर्मों का फल कोई नहीं टाल सकता, ना ही ब्रह्मा, ना ही विष्णु, ना ही महेश।'
रोने-धोने से कुछ नहीं बदलता
महाराज जी बहुत भावुक होकर कहते हैं कि लोग कहते हैं – मैंने क्या किया था जो मुझे इतना दुःख मिल रहा है? अरे भाई, पिछले जन्म में किया था न! अब रोने से क्या होगा? अब तो इस जन्म में इतना अच्छा कर्म करो कि पिछले जन्म का हिसाब भी मिट जाए और अगले जन्म का स्वर्ग बन जाए। रोने से फल नहीं मिटता, राधा-कृष्ण का नाम लेने से मिटता है।
पिछले जन्म का फल मिटाने का एकमात्र उपाय
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं – 'जो राधा-कृष्ण का नाम जपता है, उसके सारे पाप – चाहे सौ जन्म के हों, जलकर राख हो जाते हैं। जैसे आग में घी डालो तो जलता है, वैसे ही राधा-कृष्ण के नाम में पाप डालो तो जल जाते हैं। राधा नाम जप से पिछले जन्म का हिसाब भी मिट जाता है और इस जन्म में सुख आता है।
पिछले जन्म का फल बदल जाएगा
महाराज जी अंत में कहते हैं कि पिछले जन्म का फल मिल रहा है तो उसे स्वीकार करें, लेकिन इस जन्म में इतना प्रेम करिए, इतना नाम जप करिए, इतनी सेवा करिए कि पिछले जन्म का दुःख भी सुख में बदल जाए। राधा-कृष्ण की कृपा से पिछले जन्म का कर्ज भी माफ हो जाता है। बस एक शर्त है कि नाम जप में पूरा समर्पण और पूरा विश्वास होना चाहिए।
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि पिछले जन्म का फल डराने के लिए नहीं, सुधारने के लिए मिलता है। राधा नाम जप से पिछले जन्म का हिसाब भी मिटेगा, इस जन्म का सुख भी मिलेगा और अगला जन्म तो गोलोक में ही होगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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