
Guruwar Upay: क्यों की जाती है केले के पेड़ की पूजा? मिलते हैं ये 3 फायदे
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित होता है। इस खास दिन पर केले के पेड़ की पूजा की भी परंपरा है। जानें आखिर इसकी पूजा किसे करनी चाहिए और इससे क्या लाभ मिलते हैं?
Guruwar Upay: सनातन धर्म में सोमवार से लेकर रविवार का दिन बेहद ही खास होता है। हर एक दिन किसी ना किसी देवी-देवता से जरूर जुड़ा हुआ है। खास दिन पर खास देवी या देवता को पूजा जाता है और इनसे जुड़े कुछ विशेष उपाय भी होते हैं जो हमारी बाधाओं को दूर करके शांति प्रदान करते हैं। बात की जाए गुरुवार की तो इस दिन का संबंध सृष्टि के पालनहार कहे जाने वाले विष्णु भगवान से हैं। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को पूजा जाता है। साथ ही इस दिन के लिए कुछ उपाय भी होते हैं, जिनमें से एक होता है केले के पेड़ की पूजा करना।
क्यों की जाती है केले के पेड़ की पूजा?
अब समझते हैं कि आखिर गुरुवार के दिन ही केले के पेड़ की पूजा करने की सलाह क्यों और किसे दी जाती है? साथ ही जानेंगे कि भगवान विष्णु या फिर गुरुवार के साथ इसका क्या संबंध है? ज्योतिषीय शास्त्र के अनुसार केले के पेड़ को भगवान विष्णु से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि केले के पेड़ में उनका वास होता है। इसीलिए मान्यता है कि गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद देते हैं। केले के पेड़ की पूजा करने की सलाह ज्योतिष उन्हें देते हैं जिन लोगों को कुंडली में कमजोर पड़े गुरु ग्रह को ठीक करना होता है। साथ ही ऐसे लोगों को गुरुवार की पूजा करने की भी सलाह दी जाती है।
केले के पेड़ की पूजा के 3 फायदे
अगर हर गुरुवार केले के पेड़ की पूजा की जाए तो इसके कई फायदे मिल सकते हैं। सबसे पहले तो इस पूजा से गुरु दोष शांत होता है। साथ ही अगर किसी को प्रोफेशनल लाइफ में बार-बार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो उसे केले के पेड़ की पूजा करने से कई लाभ मिलते हैं। ऐसे लोगों को अपने करियर में अच्छी ग्रोथ दिखती है। वहीं गुरु विवाह का भी कारक होता है। ऐसे में जिन लोगों की शादी में देरी हो रही या शादी में अड़चनें आ रही हैं, उन्हें भी इसकी पूजा करने से लाभ मिलता है। इससे धन संबंधी दिक्कतें भी दूर होने लगती हैं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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