
Chitragupta Puja: इस शुभ मुहूर्त में आज करें चित्रगुप्त पूजा, 108 बार करें इस मंत्र का जाप
संक्षेप: Chitragupta Puja Shubh Muhurat: आज चित्रगुप्त पूजा का दिन है। कार्तिक के महीने में हर साल इस पूजा को करने की परंपरा है। खास तौर पर कायस्थ समुदाय में इस पूजा का विशेष महत्व है। जानें इस पूजा की सही विधि और इस दौरान पढ़े जाने वाले मंत्र के बारे में…
हिंदू धर्म में कई ऐसे तीज-त्योहार हैं जो कि कार्तिक के महीने में पड़ते हैं। इन्हीं में से एक है चित्रगुप्त की पूजा। ये पूजा भाई दूज वाले दिन ही होती है। हर साल ये पूजा कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की दूसरी तिथि को ही होती है। इस दिन की पूजा भगवान चित्रगुप्त के नाम होती है। उनकी कृपा पाने और अच्छे कर्मों का लेखा जोखा रखने के लिए लोग इस पूजा को करते हैं। विशेष रूप से कायस्थ समुदाय के लिए इस पूजा को जरूर करते हैं। खासकर कायस्थ समुदाय में इस पूजा का विशेष महत्व है। लोग इस पूजा के दौरान भगवान से बुद्धि, विद्या और लेखन का आशीर्वाद लेते हैं। जानते हैं इस पूजा का शुभ मुहूर्त और इससे जुड़ी अन्य बातें...

क्यों करते हैं चित्रगुप्त पूजा?
माना जाता है कि कार्तिक महीने में भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने से कर्मों में शुद्धता आ जाती है और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। कायस्थ समुदाय के अलावा इस पूजा को बिजनेस से जुड़े लोग भी करते हैं। बता दें कि भगवान चित्रगुप्त को कर्मों का लेखाकर कहते हैं। माना जाता है कि उनके पास हर किसी के कर्मों का हिसाब होता है। वह हर एक अच्छे और बुरे कर्म का हिसाब रखते हैं। इस हिसाब की मदद से ही किसी भी व्यक्ति के अगले जन्म का फैसला होता है। भारत के तमाम हिस्सों में आज इस पूजा के दौरान कलम और दवात की पूजा की जाती है।
चित्रगुप्त पूजा का शुभ मुहूर्त
आज चित्रगुप्त पूजा का मुहूर्त सुबह 8:16 से शुरू हो गया है। ये पूजा सुबह 10:33 तक कभी भी की जा सकती है। इसे पूजा का अति उत्तम मुहूर्त माना जाएगा। वहीं इसके बाद ये पूजा दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक कर सकते हैं। ये मुहूर्त भी उत्तम है।
ऐसे करें चित्रगुप्त पूजा
इस पूजा की शुरुआत गणेश भगवान को याद करते हुए करिए। भगवान चित्रगुप्त की तस्वीर को पूजा स्थान पर रखकर उस पर चंदन का तिलक लगाएं। दीया और धूप जलाकर फूल माला अर्पित करें। आप चाहे तो किसी कागज पर श्री चित्रगुप्ताय नमः लिख सकते हैं। इसे मंदिर में ही रख दें। कलम और दवात को भी पूजा स्थान में रखें। इस पर स्वास्तिक का निशान बना दें। इसी के साथ श्री चित्रगुप्ताय नमः मंत्र का 108 बार पूरे मन से जाप कर लें। आरती करें और फिर प्रसाद का वितरण करें। आप चाहे तो आज जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र का भी दान कर सकते हैं।

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Garima Singhलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




