
चाणक्य नीति: इन 5 तरह के लोगों से बना लें दूर, बनते हैं बर्बादी के कारण
व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु उसका अपना मित्र होता है, अगर वह गलत हो।चाणक्य नीति के आधार पर आज हम आपको उन 5 तरह के लोगों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे दूरी बनाना ही बुद्धिमानी है।
आचार्य चाणक्य ने हजारों साल पहले ही मनुष्य के स्वभाव को इतनी गहराई से समझ लिया था कि चाणक्य नीति में लिखी उनकी एक-एक बात आज भी उतनी ही सटीक लगती है। वे कहते हैं – 'व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु उसका अपना मित्र होता है, अगर वह गलत हो।' आज हम आपको चाणक्य नीति के आधार पर उन 5 तरह के लोगों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे दूरी बनाना ही बुद्धिमानी है।
जो हमेशा आपकी बुराई करता हो, चाहे पीठ पीछे या सामने
चाणक्य कहते हैं – जिसकी जीभ में जहर है, उसका साथ भी जहर है। ऐसा व्यक्ति जो हर बात में आपकी कमियां निकालता हो, आपकी सफलता पर जलता हो, आपकी तारीफ करने की बजाय हमेशा निंदा करता हो – उससे जितनी जल्दी दूरी बनाओ उतना अच्छा। ये लोग आपका आत्मविश्वास तोड़ते हैं और मौका मिलते ही पीठ में छुरा घोंपते हैं।
जो आपकी गुप्त बातें सबको बता दे
चाणक्य की नीति है कि जिसके पास रहस्य सुरक्षित नहीं, वह मित्र नहीं, शत्रु है। ऐसा व्यक्ति जो आपकी निजी बातें, आपकी कमजोरी या आपका राज सबको बता देता हो, उससे दूर रहना ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। ये लोग मौका पाते ही आपकी बात का गलत इस्तेमाल करते हैं और आपकी बर्बादी का कारण बनते हैं।
जो आपकी सफलता देखकर जलता हो, मदद करने की बजाय रोके
चाणक्य कहते हैं – ईर्ष्या करने वाला मित्र विषधर सर्प के समान है। जब आप आगे बढ़ रहे हों और वह व्यक्ति खुश होने की बजाय चिढ़ता हो, आपको हतोत्साहित करे, आपके काम में रोड़ा अटकाए, तो समझ लें ये आपका हितैषी नहीं, आपकी बर्बादी का इंतजार कर रहा है। ऐसे लोगों से दूरी ही सबसे बड़ा कवच है।
जो हर समय सिर्फ अपना स्वार्थ देखता हो
चाणक्य की स्पष्ट नीति है कि स्वार्थी मित्र अस्थायी होता है, जरूरत पूरी होते ही वह शत्रु बन जाता है। जो व्यक्ति सिर्फ अपनी जरूरत के समय आपके पास आए, आपकी मदद ले और अपनी जरूरत पूरी होते ही गायब हो जाए, उससे कभी सच्ची दोस्ती की उम्मीद मत करें। ये लोग मुसीबत के समय सबसे पहले पीठ दिखाते हैं।
जो झूठ बोलकर आपको धोखा दे
चाणक्य कहते हैं कि झूठ बोलने वाला व्यक्ति सबसे बड़ा शत्रु होता है, चाहे वह कितना भी मीठा बोल ले। जो व्यक्ति बार-बार झूठ बोलता हो, वादे करता हो और तोड़ दे, आपको गलत रास्ते पर ले जाए, उससे जितनी दूर रहेंगे, उतना ही सुरक्षित रहेंगे। झूठ का साथ देने वाला अंत में आपको ही सबसे बड़ा नुकसान पहुंचाता है।
चाणक्य नीति के मुताबिक, सौ चमचागुड़ियों से अच्छा है एक कड़वा सच बोलने वाला और सौ स्वार्थी मित्रों से अच्छा है अकेले चलना। इन 5 तरह के लोगों से दूरी बना लेने से जीवन अपने आप सुखी, समृद्ध और शांत हो जाएगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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