कुंडली में बुध कमजोर होने से होते हैं ये नुकसान, मजबूती के लिए बुधवार के दिन कर लें ये उपाय
अगर कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है तो इसके कई नुकसान होते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा है तो कुछ उपाय के जरिए इसे आसानी से मजबूत बना सकते हैं।

How to Strengthen Mercury Planet: हमारी जिंदगी पर ग्रहों का प्रभाव साफ तौर पर देखने को मिलता है। कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति ही हमारे भविष्य की झलक दिखाते हैं। समय-समय पर इन ग्रहों में बदलाव आता है। कुछ ग्रह कुंडली में मजबूत दिखते हैं, तो वहीं कुछ कमजोर स्थिति में होते हैं। जब भी ऐसा होता है तो इसका असर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में भी दिखता है। बात की जाए बुध ग्रह की तो इस ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में बुद्धि और समझ का प्रतीक माना जाता है। इसका संबंध सीधे तौर पर हमारी सोचने-समझने की क्षमता से होती है। साथ ही हमारे बोलने का तरीके से लेकर बिजनेस करने के तरीके का संबंध भी इसी से होता है। अगर कुंडली में ये ग्रह कमजोर होता है तो इसके नुकसान होते हैं। जानते हैं इसके बारे में। साथ ही जानेंगे कि कुंडली में बुध ग्रह को मजबूत कैसे किया जाए?
बुध ग्रह कमजोर होने से नुकसान
अगर किसी की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है तो कुछ संकेत के जरिए इसका पता लगाया जा सकता है। जिस भी व्यक्ति का बुध कमजोर होगा, सबसे पहले तो उसे किसी से भी बात करने में बहुत ही ज्यादा झिझक सी महसूस होगी। ऐसे लोगों को बिजनेस में काफी बाधाएं आती है। जब भी कोई बड़ा फैसला लेना होगा, इन्हें बहुत दिक्कत महसूस होगी। ये अकेले खुद से कोई फैसला नहीं ले सकेंगे। साथ ही ऐसे लोग हर छोटी-छोटी बात पर टेंशन लेने लगते हैं। वहीं इसके उलट जब भी बुध ग्रह मजबूत होता है तो ऐसा इंसान तेज दिमाग वाला होगा। साथ ही वो एक झटके में सही फैसला लेने वाला होगा। ऐसे लोगों का बिजनेस भी चल पड़ता है। अब जानते हैं कि अगर बुध कमजोर हो तो किन उपायों के जरिए इसे मजबूत बनाया जा सकता है?
ऐसे मजबूत करें बुध ग्रह
अगर आपकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है तो बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा जरूर करें। साथ ही ॐ गण गणपतये नमो नमः मंत्र का जाप 108 बार जरूर करें। आप चाहें तो इस मंत्र के अलावा ॐ बुद्धाय नमः मंत्र का भी जाप कर सकते हैं। जिस भी मंत्र का जाप करें, उस वक्त मन को शांत और एकाग्र बनाए रखें। तभी इसका लाभ मिलेगा। इसे नियमित रूप से हर बुधवार जरूर करें। अगर संभंव हो सके तो बुधवार के दिन व्रत जरूर रखें। शास्त्र के हिसाब से इस दिन हरे रंग के वस्त्र पहनने से लाभ मिलता है। इस दिन अगर आप हरे रंग की चीजों का दान करेंगे तो भी बुध ग्रह को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा इस दिन गाय को चारा डालने से भी आपको राहत मिलेगी। आप ज्योतिषी की सलाह पर पन्ना धारण कर सकते हैं।
पन्ना पहनने का तरीका
अगर आप पन्ना धारण करने का मन बना रहे हैं तो एक बार कुंडली को ज्योतिष को जरूर दिखाएं। पन्ना को हमेशा चांदी या फिर सोने की अंगूठी में ही जड़वाएं। इसे धारण करने से पहले गंगाजल और दूध से पवित्र कर लें। इसके बाद ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करते हुए इसे धारण कर लें। ध्यान रखें कि ये बुध से जुड़ा रत्न हैं तो इसे बुधवार के दिन ही पहनें। पन्ना को हमेशा छोटी उंगली यानी कनिष्ठा में पहनते हैं।
मंदिर जाकर जरूर करें ये काम
अगर आप हर बुधवार मंदिर जा सकते हैं तो ये और भी अच्छा है। अगर ऐसा संभंव नहीं हो तो आप घर पर ही एक आसान सा उपाय कर सकते हैं। बुधवार के दिन भगवान गणेश को दुर्वा चढ़ाएं। इससे आपकी जिंदगी में आने वाली सारी बाधाएं खत्म होने लगती हैं। भगवान को दुर्वा अर्पित करते वक्त ये मनोकामना करें कि भगवान आपके रास्ते में आने वाली हर अड़चन को दूर कर दें। उस उपाय को आप हर बुधवार को बिना किसी बाधा के पूरा जरूर करें। इन उपायों से धीरे-धीरे आपका बुध ग्रह मजबूत होने लगेगा।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
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