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Chhath Puja: छठ पूजा के व्रत में भूलकर भी ना करें ये 7 गलतियां, नहीं मिलेगा फल

Chhath Puja: छठ पूजा के व्रत में भूलकर भी ना करें ये 7 गलतियां, नहीं मिलेगा फल

संक्षेप:

Chhath Puja Rules: छठ महापर्व की शुरुआत आज यानी 25 अक्टूबर से हो रही है। चार दिवसीय इस व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। परिवार की खुशहाली और संतान की दीर्घायु के लिए रखे जाना वाला ये व्रत कठिन है। इस दौरान कई चीजों का पालन करना जरूरी है। 

Oct 25, 2025 10:33 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Chhath Puja Rules in Hindi: छठ पूजा का सीधा-सीधा संबंध सूर्यदेव से है। इस पर्व में लोग सूर्यदेव की आराधना करते हैं। हिंदू धर्म में इस पर्व की काफी मान्यता है। चार दिन तक रहे जाने वाले छठ व्रत की शुरुआत आज से हो रही है। आज नहाय खाय के साथ ये व्रत शुरू होगा। इस दौरान कई ऐसे कई नियमों का पालन करना होता है जो कि आसान नहीं हैं। मुख्य रूप से ये पर्व बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। हालांकि कुछ साल से देश के कई कोनों में इस पर्व की रौनक देखी जाती है। सिर्फ देश ही नहीं बल्कि अब तो विदेशों में भी इसका बोलबाला देखने को मिलता है। आज छठ पर्व के पहले दिन पर जानिए कि आखिर चार दिवसीय इस व्रत में क्या-क्या नहीं करना है?

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1. जो महिलाएं व्रत रखें, वो सूर्य भगवान को अर्घ्य दिए बिना कुछ भी ग्रहण ना करें। साथ ही जमीन पर सोएं।

2. पूजा के दौरान किसी भी तरह के धातु के बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करना है। छठ पूजा में सिर्फ मिट्टी के चूल्हे और बर्तन का ही इस्तेमाल करना सही है। चांदी, स्टील, पीतल या प्लास्टिक के बर्तनों से दूर रहें।

3. छठ पूजा के लिए तैयार होने वाले प्रसाद को जूठा ना करें। प्रसाद बनाने से पहले और बनाते वक्त कुछ भी ना खाएं।

4. छठ पूजा में साफ-सफाई का ध्यान देना जरूरी है। खुद को भी साफ रखें और अपने आसपास भी गंदगी ना होने दें। पूजा से जुड़ी किसी भी चीज को साफ हाथ से ही छूएं।

5. पूजा के दौरान सात्विक आहार ही लें। तामसिक खाने, लहसुन और प्याज से दूर रहना है।

6. जहां पर आप प्रसाद की तैयारी करें या बनाएं, वहां खाना कभी ना खाएं। इस जगह को हमेशा साफ रखें।

7. जो लोग व्रत रखें, वो लोग अपशब्द ना कहें। शांत रहें और शांत मन से ही पूजा अर्चना करें।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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