सोमवती अमावस्या की रात करें 5 में से कोई भी 1 उपाय, मां लक्ष्मी करेंगी कृपा, होगा धन लाभ

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व होता है। हर माह में एक बार अमावस्या पड़ती है। अमावस्या पर  विधि- विधान से भगवान की पूजा की जाती है। इस दिन लोग पितरों को याद करते हैं और दान-पुण्य करते हैं। मान्यता है कि अमावस्या की रात कुछ आसान उपाय करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।

सोमवती अमावस्या की रात करें 5 में से कोई भी 1 उपाय, मां लक्ष्मी करेंगी कृपा, होगा धन लाभ

Somvati Amavaysa 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या को खास तिथि माना जाता है। हर माह में एक बार अमावस्या पड़ती है। अमावस्या पर लोग पितरों को याद करते हैं, दान-पुण्य करते हैं और भगवान की पूजा करते हैं। मान्यता है कि अमावस्या की रात कुछ आसान उपाय करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। इन उपायों को करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

घर में जलाएं दीपक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या की रात घर के ईशान कोण में गाय के घी का चौमुखा दीपक जलाना शुभ माना जाता है। वहीं मुख्य दरवाजे पर सरसों के तेल का दीपक भी रखा जाता है। कहा जाता है कि इससे घर का माहौल अच्छा बना रहता है। इस उपाय को करने से आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है।

मां लक्ष्मी की करें पूजा

अमावस्या की शाम मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। पूजा के समय दीपक में लाल धागे की बत्ती लगाने की परंपरा है। कुछ लोग दीपक में थोड़ा केसर भी डालते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। मां लक्ष्मी की कृपा से व्यक्ति की आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं।

पीपल के पेड़ के नीचे करें दीपदान

अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा भी की जाती है। रात में पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाया जा सकता है। इसके बाद ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करते हुए परिक्रमा की जाती है। कई लोग इसे शुभ मानते हैं।

पितरों के लिए करें ये काम

अमावस्या को पितरों की तिथि भी कहा जाता है। इस दिन तर्पण और दान का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि रात में घर के बाहर मिट्टी के दीपक में तेल और तिल डालकर दीप जलाने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए इस दिन अपने पूर्वजों के नाम से दान भी किया जाता है।

कनकधारा स्तोत्र का करें पाठ

मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी किया जाता है। पूजा में माता लक्ष्मी को कमल का फूल चढ़ाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह उपाय धन और खुशहाली से जुड़ा माना जाता है। इसको करने से आर्थिक स्थिति अच्छी होती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
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एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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