Pradosh Vrat 2026: मार्च में कब पड़ रहा है प्रदोष व्रत? यहां देखें सही डेट और शुभ मुहूर्त, ना करें ये गलतियां

Mar 11, 2026 11:27 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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प्रदोष व्रत महीने में दो बार आता है और ये भगवान शिव को समर्पित होता है। चलिए जानते हैं कि इस बार सोम प्रदोष व्रत किस तारीख को पड़ रहा है। साथ ही जानेंगे इस दिन किन गलतियों को करने से बचना है?

Pradosh Vrat 2026: मार्च में कब पड़ रहा है प्रदोष व्रत? यहां देखें सही डेट और शुभ मुहूर्त, ना करें ये गलतियां

Pradosh Vrat in March 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत काफी मायने रखता है। इस खास व्रत और पूजा में भगवान शिव की पूजा होती है। हर महीने ये दो बार आता है। एक प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पड़ती है। तो वहीं दूसरा प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पड़ता है। मान्यता है कि अगर सच्चे मन से प्रदोष व्रत की पूजा की गई और इस दिन व्रत रखा जाए तो सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। चैत्र के महीने में पड़ने वाला एक प्रदोष व्रत अगले हफ्ते है। तो आज जानेंगे कि इस बार प्रदोष व्रत किस तारीख को पड़ रहा है। साथ ही जानेंगे पूजा का शुभ मुहूर्त और समझेंगे कि इस दिन कौन सी गलतियां करने से बचना है?

प्रदोष व्रत की तारीख

सोम प्रदोष व्रत 16 मार्च को होगा। सोमवार के दिन इस व्रत के पड़ने की वजह से इसे सोम प्रदोष व्रत कहेंगे। इसी तरह जिस भी दिन ये व्रत पड़ेगा, उसी के हिसाब से नाम भी रखा जाएगा। अगर शनिवार को ये व्रत होता है तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाएगा। वहीं शुक्रवार के दिन होगा तो शुक्र प्रदोष व्रत कहलाएगा। सोम प्रदोष व्रत को हमेशा से खास माना जाता है क्योंकि सोमवार का दिन भगवान शिव को ही समर्पित है।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के हिसाब से चैत्र महीने के कृष्ण त्रयोदशी की शुरुआत 16 मार्च से होगी। इसका समय 9:40 बजे रहेगा। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 17 मार्च को होगा। समापन का समय 9:23 बजे का है। अगर पूजा की बात की जाए तो प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम को होती है। इसके लिए 16 मार्च का शुभ मुहूर्त 6:48 बजे से लेकर 9:12 बजे है।

बन रहे हैं ये अद्धभुत संयोग

पंचांग के हिसाब से चैत्र महीने में पड़ने वाला पहला प्रदोष बेहद ही खास होने वाला है। इस दिन कई योग बन रहे हैं। शिव योग, सिद्ध योग, शुक्रादित्य योग के अलावा इस दिन लक्ष्मी नारायण योग भी बन रहा है। ऐसे में इस वार का प्रदोष व्रत काफी मायने रखेगा। इस दिन का व्रत और पूजा और भी फलदायी होगा।

प्रदोष व्रत में ना करें ये गलतियां

1. व्रत वाले दिन तामसिक चीजों जैसे प्याज, लहसुन और नशे वाली चीजों से दूर रहें।

2. जब भी आप पूजा करें तो ध्यान रखें कि इस दौरान आपने काले रंग के कपड़े ना पहने हो।

3. इस दिन किसी के लिए भी बुरी बातें ना कहें और ना ही कुछ बुरा सोचें। गुस्सा भी ना करें।

4. प्रदोष व्रत के दिन ना तो झूठ बोले और ना ही किसी का अपमान करें।

5. इस दिन दिन में ना सोएं। कोशिश करें कि व्रत से एक दिन पहले ही आपकी नींद पूरी हो जाए ताकि दिन में सोने का मन ना हो।

6. सबसे जरूरी बात कि पूजा के दौरान शिवलिंग पर नारियल ना चढ़ाएं।

7. इस बात का भी खास ध्यान रखें कि आपको शिवलिंग के ऊपर टूटे हुए चावल तो गलती से भी नहीं चढ़ाने हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


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गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


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गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


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गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


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