Som Pradosh Vrat Upay: 24 प्रदोष व्रत का फल मिलेगा सिर्फ एक प्रदोष में, जानिए कैसे
Pradosh Vrat Upay: आज 10 अगस्त को प्रदोष व्रत के साथ सावन सोमवार का शुभ संयोग बना है। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन सिर्फ एक उपाय को करते सभी प्रदोष व्रत का फल प्राप्त किया जा सकता है। आइए जानते हैं प्रदोष व्रत उपाय।

Som Pradosh Vrat Today 10 August 2026: प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। हर महीने दो प्रदोष व्रत आते हैं, पहला कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में। जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त से प्रारंभ हो जाता है। हिंदू धर्म पुराणों के अनुसार, जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष काल साथ-साथ होता है, वह समय शिव पूजन के अति उत्तम होता है। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत आते हैं, अधिक मास होने पर व्रत की संख्या 25 या 26 हो सकती है। हर प्रदोष व्रत का महत्व और फल अलग-अलग होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सभी प्रदोष व्रत का फल सिर्फ एक प्रदोष व्रत में प्राप्त किया जा सकता है। आइए जानते हैं कैसे।
24 प्रदोष व्रत का फल पाएं सिर्फ एक प्रदोष में, जानें उपाय
24 प्रदोष में से किसी भी एक प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में एक लोटा जल और एक घी का दीपक लेकर शिव मंदिर जाएं। वहां भगवान शिव का जल से जलाभिषेक करें और हाथ का स्पर्श शिवलिंग से कराकर भगवान शिव के सामने घी का दीपक प्रज्वलित कर दें। मान्यता है कि ऐसा करने से साल भर के सभी प्रदोष व्रत का फल सिर्फ एक प्रदोष व्रत में ही प्राप्त हो जाता है।
आज सोम प्रदोष व्रत पर प्रदोष पूजा का मुहूर्त:
पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि 10 अगस्त 2026 को सुबह 04 बजकर 30 मिनट पर प्रारंभ हो चुकी है और 11 अगस्त 2026 को सुबह 01 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष पूजा का मुहूर्त रात 09 बजकर 15 मिनट से रात 11 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 01 घंटा 53 मिनट की है।
प्रदोष व्रत का नियम:
प्रदोष व्रत रखने वालों को सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और भगवान शिव की प्रतिमा या मूर्ति के सामने आसन पर बैठकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है।
सोम प्रदोष व्रत का महत्व और फल:
जब प्रदोष का दिन सोमवार को पड़ता है, तो उसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह व्रत भगवान शिव के अत्यंत प्रिय व्रतों में से एक है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि, वैवाहिक सुख और पारिवारिक समृद्धि प्राप्त होती है। यह व्रत चंद्रदेव के अशुभ प्रभावों को भी कम करता है।
सोम प्रदोष व्रत पारण कब किया जाएगा:
सोम प्रदोष व्रत का पारण 11 अगस्त 2026, मंगलवार को किया जाएगा। प्रदोष व्रत सूर्योदय से प्रारंभ होकर अगले दिन सूर्योदय तक रखा जाता है। 11 अगस्त को सूर्योदय सुबह 5:47 बजे होगा। जिसके बाद व्रत का पारण किया जा सकेगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


