solar eclipse 2026 daan: फरवरी में ही लगने वाला है अनोखा सूर्य ग्रहण, चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण दान से जुड़ी बाते जानें

Feb 11, 2026 01:52 pm ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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surya grahan kab lagega: सूर्य ग्रहण के दिन सूर्य पर राहु या केतु का ग्रहण लगता है, जिससे सूर्य की शक्ति कमजोर हो जाती है। यह अमावस्या पर होता है। सूर्य ग्रहण के दिन सूर्य और राहु एक ही राशि में होते हैं, जिससे ग्रहण दोष बनता है।

solar eclipse 2026 daan: फरवरी में ही लगने वाला है अनोखा सूर्य ग्रहण, चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण दान से जुड़ी बाते जानें

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है। इसे वलायाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इसके अलावा पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चांद सूर्य के अधिकतर जगह को लवर कर लेता है। लेकिन वलयाकार में चांद थोड़ा दूर होता है और सूरज के अधिकतर भाग को कवर नहीं कर पाता , इससे एक रिंग ऑफ फायर की स्थिति बनती है, क्योंकि सूर्य के किनारे खुले रहते हैं और सूर्य का प्रकाश वहां से आता है।

सूर्य और चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?

ज्योतिषिय नजरिएसे देखें तो सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव होता है, इसलिए ग्रहण से जुड़ा दान आपको इसे प्रभाव से बचाएगा। ग्रहण के समय दान का महत्व पुराणों में भी बताया गया है। अगर ग्रहण दिख भी ना रहा हो, फिर भी सूर्य और चंद्र ग्रहण का दान करना उत्तम माना जाता है। सूर्य ग्रहण के दिन पितरों के नाम से भी दान करना उत्तम है,इस दिन गेहूं, लाल रंग के कपड़े, अनाज, और तांबे का दान करना उत्तम रहता है।वहीं चंद्र ग्रहण के दिन सफेद चीजों, जैसे चीनी, दूध, दही, चावल, खीर, सफेद मिठाई आदि का दान किया जा सकता है। चंद्र ग्रहण के दिन चंद्रमा से जुड़ी चीजों का दान करना उत्तम है। आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण के समय नंगी आंखों से सूरज को न देखें, इस दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।

सूर्यग्रहण को कैसे बचाया ऋषि ने

ऐसा कहा जाता है कि ऋषि-मुनियों को सूर्य और चंद्र ग्रहण के बारे में बहुत पहले से ही पता था। महर्षि अत्रि ग्रहण के ज्ञान को पहले से दिया था। उन्होंने सूर्य ग्रहण के दौरान कहा था कि राहु ने आप पर आक्रमण कर अन्धकार से ढ़क दिया, उससे मनुष्य आपके रूप को पूर्ण रूप से देख नहीं पाए , तब अत्रि ने अर्जित ज्ञान राहु की छाया को दूर किया और सूर्य राहु की छाया से दूर हो पाए।

कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण

यह ग्रहण लगभग पूरी तरह से अंटार्कटिका में ही दिखेगा। दक्षिणी अफ्रीका के केप टाउन, डरबन, जिम्बाब्वे और तंजानिया शामिल में आंशिक ग्रहण दिखेगा। अर्जेंटीना और चिली के दक्षिणी छोरों पर भी ग्रहण आंशिक रूप से देखा जा सकेगा। मेडागास्कर और मॉरीशस के द्वीपों पर भी ग्रहण देखा जा सकेगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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