सूर्य ग्रहण किस अमावस्या पर लगेगा, कर्क राशि में ग्रहण से किन राशियों पर असर
इस साल कुल दो सूर्य ग्रहण लग रहे हैं। एक लग चुका है और एक अब लगने वाला है। आपको बता दें कि सोमवती अमावस्या पर कोई सूर्य ग्रहण नहीं लग रहा है। सूर्य ग्रहण किस अमावस्या पर लगेगा और इसका सूतक वैलिड होगा या नहीं यह यहां जानें

हर अमावस्या पर दावे किए जाते हैं कि सूर्य ग्रहण लग रहा है। लेकिन आपको बता दें कि 15 जून को सोमवती अमावस्या है और इस दिन कोई ग्रहण नहीं लग रहा है। इस साल पहला सूर्य ग्रहण फरवरी 2026 में लग चुका है और एक अगस्त में लगने वाला है। लेकिन जून में कोई ग्रहण नहीं लग रहा है। अब 12 अगस्त को सावन की हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लग रहा है। इसके बारे में आप क्या जानते हैं। आपको बता दें कि 12 अगस्त के दिन सूर्य कर्क राशि में रहेंगे और सूर्य ग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं है, क्योंकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। लेकिन ज्योतिष में इसका खास महत्व है। कर्क राशि में लगने वाले इस घटना को आम नहीं माना जा रहा है। सावन की हरियाली अमावस्या के दिन कई राशियों के लिए लाभ के योग भी बन रहे हैं।
किन राशियों पर होगा असर
मिथुन राशि के लिए ऑफिस में लाभ के योग बनेंगे आपको अच्छा माहौल मिलेगा। आपको ऑफिस में बड़ी जिम्मेदारी भी दी जा सकती है, इसलिए खास ध्यान दें। कर्क राशि के लिए लीडरशिप क्वालिटी मिलेगी। आप लवलाइफ में अच्छे लाभ पा रहे हैं। आपका पार्टनर आपके साथ इमोशनल बॉन्ड और भी मजबूत करेगा। कन्या राशि वालों के फैसले सही साबित होंगे। आपके पार्टनर से रिलेशनशिप भी इस समयकास हो जाएंगे। कहीं बाहर जा सकते है, इससे भी आपको लाभ होगा।
साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण किस दिन और किस समय लगेगा
साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त कोरात करीब 09 बजकर 4 मिनट से होगी, जिसका समापन 13 अगस्त को सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर होगा। भारत में इस समय रात होगी तो इस ग्रहण का कोई असर भारत में नहीं होगा। यह वलयाकार ग्रहण होगा।
ज्योतिष से क्यों खास है ग्रहण
दूसरा सूर्य ग्रहण कर्क राशि में हो रहा है और कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, चंद्रमा आपके मन का कारक है, इसलिए मन में उतारचढ़ाव आ सकते हैं। कर्क राशि में इस दौरान देवगुरु बृहस्पति विराजमान हैं, इसलिए आपके लिए कोई बड़ी दिक्कत इस समय नहीं दिख रही है। कर्क राशि में गुरु उच्च के होते हैं, तो यह ग्रहण आपको लाभ भी देगा।
ग्रहण के बाद क्या दान करें
इस ग्रहण के बाद चीनी, दूध चावल का दान करें। आप चाहें तो कहीं शर्बत का दान भी कर सकते हैं। इसके अलावा ग्रहण के बाद विष्णु जी और गणेश जी की अराधना करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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