सिंह राशि में केतु, शुक्र और सूर्य तीन ग्रह करेंगे क्या हलचल, किन राशियों के लिए लकी

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शुक्र जल्द ही सूर्य की राशि सिंह में जा रहे हैं यहां शुक्र केतु के साथ मिलेंगे। शुक्र, सूर्य और केतु तीन ग्रहों के कारण राशियों पर क्या असर होगा, यहां जानें

सूर्य केतु शुक्र युति

शुक्र अगर आपकी राशि में सही हैं तो आपकी लाइफ में धन, समृद्धि, वैभव और सुख शांति रहती हैं। आपको बता दें कि शुक्र का गोचर बहुत खास माना जाता है। ज्योतिर्विद नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कहा जाता है शुक्र किसी राशि को बहुत अधिक परेशान नहीं करते हैं, लेकिन इस बार शुक्र 16 जुलाई को सिंह राशि में जा रहे हैं। सिंह राशि सूर्य की राशि कही जाती है और इस राशि में केतु विराजमान हैं। केतु एक छाया ग्रह है जो अकलेापन देता है। ऐसे में केतु और शुक्र कैसे आपको प्रभावित करेंगे। आइए जानते हैं इससे किन राशियों को लाभ होगा , यहां हम आपको इसके बारे में बताएंगे। आइए जानें लकी राशियां जो शुक्र के परिवर्तन से लाभ पाएंगी। इसके अलावा अगर केतु को खुश करना चाहते हैं तो केतु को प्रसन्न करने के उपाय भी आप जान सकते हैं।

वृषभ राशि के लिए कैसा लाभ?

शुक्र और केतु के साथ आने से वृषभ राशि के लिए अच्छे योग बन रहे हैं? इनकम के नए साधन बनेंगे और आपके लिए नए रास्ते बनते चले जाएंगे। किसी तरह की परेशानी आपके लिए नहीं बन रही है। कुल मिलाकर समय उत्तम है। आपकी पर्सनल लाइफ भी शानदार रहेगी और जीवनसाथी का साथ मिलेगा।

तुला राशि के लिए क्या योग बन रहे हैं?

तुला राशि के लिए अच्छे योग बन रहे हैं। लाभ के मौके आपके लिए आ रहे हैं। आपको अचानक लाभ हो सकता है। मानसिक तौर पर आप अच्छा महूसस कर सकते हैं। शादीशुदा लाइफ भी आपकी अच्छे पल देगी। आपके लिए धन संबंधी प्लानिंग सफल होंगी।

वृश्चिक राशि के लिए क्या लाभ के योग?

वृश्चिक राशि के लिए शुक्र और केतु की युति से आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी होगी। आपकी लवलाइफ में भी चार चांद लगेंगे। आपका आर्थिक इनकम बढ़ेगी और निवेश से भी आपके लिए अच्छे योग बनते नजर आ रहे हैं। इस तरह केतु और शुक्र आपको कुछ बुरा प्रभाव नहीं दे रहे हैं।

केतु को कैसे खुश करें?

अगर आपकी कुंडली में केतु अच्छा नहीं है तो आपको इसको खुश रहने के लिए आपको केतु को प्रसन्न करना होगा। इसके लिए आपके काले और सफेद तिल बांटे, कुत्ते को रोटी खिलाएं। जरूरतमंदों के कंबल का दान करें। इससे आपका केतु मजबूत होगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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