सिंह राशि में केतु और शुक्र की युति आपके लिए क्या बदलाव लाएगी, किन राशियों के लिए लकी नहीं अनलकी
अभी शुक्र और गुरु की युति बनी हुई है जो कई रासियों के लिए अच्छी है, लेकिन अब शुक्र और केतु की युति अगले महीने सिंह राशि में बनेगी, जो कई राशियों के लिए दिक्कत लाएगी। यहां पढ़ें किन राशियों के लिए परेशानी

शुक्र और केतु जब साथ होते हैं तो आपकी पर्सनल लाइफ में दिक्कतें आनी शुरू होती हैं। धन और वैभव और सुख संपदा के कारक माने जाने शुक्र ग्रह का संग अगर केतु के साथ हो जाए तो आपके लिए पर्सनल लाइफ में दिक्कतें सामने आनेलगती हैं। आपके लिए चीजें काफी खराब होने लगती हैं। केतु एक छाया ग्रह है। एक तरफ शुक्र आपको अच्छा प्यार, भाग्य और सभी भौतिक सुख सुविधाएं देगा, लेकिन केतु आपके लिए परेशानी खड़ी करेगा। केतु का सबसे खराब असरआपकी वैवाहिक लाइफ पर होगा। आपकेजीवनसाथी से लड़ाई होंगी। जब केतु और शु्क्र एक साथ आएंगे तो आपकी लाइफ में लाइफ पार्टनर को लेकर दिक्कतें होती हैं, आपको के धन के मामले में पैसों को जोड़ने को लेकर दिक्कतें होती हैं। आपको स्वीट ड्रींक्स से भी दिक्कतें होती हैं। आपको शारीरिक तौर पर तनाव भी झेलना पड़ सकता है और इस कारण आपको कई बीमारियां घेर लेती हैं।
शुक्र का सिंह राशि में कब हो रहा है गोचर
आपको बता दें कि केतु पहले से सिंह राशि में है और अब शुक्र का गोचर सिंह राशि में हो रहा है। 4 जुलाई को शुक्र इस राशि में आ जाएंगे। इन दोनों ग्रहों का संयोग आपके लिए अच्छा लाभ देने वाला होगा। आपको सिंह राशि में साढ़ेसाती के कारण अपने फैसलों को लेकर थोड़ा सतर्क रहना होगा, वहीं कुछ मामलों में आपको अचानक किसी बात में भम्र की स्थिति भी बन सकती हैं, क्योंकि केतु आपके लिए भ्रम की स्थिति लाते हैं।
किन राशियों के लिए केतु और शुक्र की युति परेशानी वाली
वृषभ राशि वालों के लिए समय थोड़ा खराब कहा जा सकता है, आपके लिए मेंटल टेंशन थोड़ी बढ़ सकती है, हो सके तो इस समय धन को बचाकर रखें। इससे आप आगे की जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। आपको इस दौरान लाइफ में कई तरह के अप्स और डाउन्स देखने को मिल सकते हैं।
सिंह राशि वालों के लिए यह समय कुछ अच्छा नहीं कहा जा सकता है, इसदौरान आप स्वाभाव थोड़ा अलग रहने वाला हो जाएगा। आपको किसी भी तरह के विवाद में नहीं पड़ना है। किसी तरह की झगड़े की स्थिति हो कोशिश करें कि कुछ भी गलत ना बोलें, धैर्य रखें। आपका एक गलत फैसला आपके लिए परेशानी ला सकता है।
वृश्चिक राशि वालों के लिए भी समय उत्तमनहीं कहा जाएगा। पर्सनल इश्यूज इस समय हावी हो जाएगें और आपको समझ नहीं आएगा कि क्या करें। इस समय दुविधा में रहेंगे, कि ऐसा कर लेते तो ऐसा हो जाता।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर
अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
विजन
अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र
कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।
विशेषज्ञता
कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां


