Shani Dhaiya 2026: सिंह और धनु राशि पर चल रही है शनि की ढैय्या, जानें कब मिलेगी राहत और क्या हैं आसान उपाय
ज्योतिष में शनि ग्रह का विशेष महत्व माना जाता है। कहा जाता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। फिलहाल सिंह और धनु राशि के लोगों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव बना हुआ है। यह स्थिति कुछ समय तक रहने वाली है।

वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्मफल देने वाला ग्रह माना जाता है। शनि जब राशि बदलते हैं तो उसका असर कई राशियों पर देखने को मिलता है। वर्तमान समय में सिंह और धनु राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है। ज्योतिष में ढैय्या की अवधि करीब ढाई साल की मानी जाती है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सिंह और धनु राशि वालों को शनि की ढैय्या से 3 जून 2027 को राहत मिलेगी। इसी दिन शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। शनि के राशि परिवर्तन के साथ इन दोनों राशियों पर चल रही ढैय्या समाप्त हो जाएगी।
क्या होती है शनि की ढैय्या?
जब शनि जन्म राशि से चौथे या आठवें भाव में गोचर करते हैं, तब शनि की ढैय्या मानी जाती है। ज्योतिष में इसे ऐसा समय माना जाता है, जब व्यक्ति को अपने कामों में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति पर उसकी कुंडली के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
सिंह राशि पर शनि की ढैय्या
सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने का माना जाता है। कामकाज से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहता है। पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। परिवार और रिश्तों में भी संतुलन बनाए रखना जरूरी माना जाता है।
धनु राशि पर शनि की ढैय्या
धनु राशि के जातकों के लिए भी यह समय मेहनत और जिम्मेदारियों वाला माना जाता है। कई बार काम पूरे होने में उम्मीद से ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में धैर्य बनाए रखना जरूरी होता है। नियमित प्रयास करते रहने से धीरे-धीरे स्थिति बेहतर होने लगती है।
शनि की ढैय्या में क्या करें?
ज्योतिष में शनि की ढैय्या के दौरान कुछ उपाय करने की सलाह दी जाती है। शनिवार के दिन शनि मंदिर में दर्शन करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों की मदद करना, काले तिल या उड़द का दान करना भी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।
कब मिलेगी राहत?
सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए 3 जून 2027 की तारीख महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शनि के मेष राशि में प्रवेश के साथ इन दोनों राशियों पर चल रही ढैय्या समाप्त हो जाएगी।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiयोगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
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