सिंह व धनु राशि से कब हटेगी शनि ढैय्या? जानें इसका प्रभाव व शनि कृपा पाने के सरल उपाय
Shani Dhaiya Singh and Dhanu Rashi: इस समय सिंह व धनु राशि पर शनि ढैय्या का प्रभाव है। ढैय्या से पीड़ित राशियों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जानें इन दोनों राशियों को शनि ढैय्या से कब मिलेगी मुक्ति व शनि कृपा के आसान उपाय।

Shani dhaiya on Leo and Sagittarius 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि को नवग्रहों में सबसे धीमी गति का ग्रह माना गया है। शनि किसी भी राशि में करीब ढाई वर्ष तक विराजमान रहते हैं। शनि जब राशि परिवर्तन करते हैं तो कुछ राशियों पर शनि ढैय्या शुरू होगी और कुछ से उतरती है। इस समय शनि मीन राशि में विराजमान है और 2026 में इसी राशि में रहेंगे। शनि के मीन राशि में होने से सिंह व धनु राशि पर शनि ढैय्या का प्रभाव है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि ढैय्या के दौरान जातक को शुभ व अशुभ दोनों के परिणाम मिल सकते हैं। परिणाम जातक के जन्म कुंडली में शनि की स्थिति पर निर्भर करते हैं। जानें सिंह व धनु राशि वालों को शनि ढैय्या से कब छुटकारा मिलेगा और शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के आसान उपाय-
धनु व सिंह राशि वालों को कब मिलेगी शनि ढैय्या से राहत-
शनि गोचर के दौरान जिस राशि के चौथे और आठवें भाव में होते हैं, उस राशि पर ढैय्या प्रारंभ होती है। शनि ढैय्या की अवधि ढाई वर्ष की होती है। सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या 29 मार्च 2025 से शुरू हुई थी। साल 2026 में सिंह व धनु राशि पर शनि ढैय्या का प्रभाव रहेगा और 3 जून 2027 के बाद ढैय्या से राहत मिलेगी। लेकिन 20 अक्टूबर 2027 से 23 फरवरी 2028 तक इसका प्रभाव दोबारा रहेगा। इसके बाद इससे पूर्ण रूप से मुक्ति मिलेगी।
शनि ढैय्या का प्रभाव-
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन राशियों पर शनि ढैय्या का प्रभाव रहता है, उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्यों में अड़चनों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य परेशानियों के साथ ही आर्थिक उतार-चढ़ाव व रिश्तों में तनाव का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन यह अवधि जातक को धैर्य व अनुशासन भी सिखाती है।
शनि ढैय्या के अशुभ प्रभाव को कम करने के उपाय-
1. नियमित रूप से शनि चालीसा व शनि मूल मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करना चाहिए।
2. शनिवार को काला तिल, काले वस्त्र या सरसों के तेल का दान करना चाहिए।
3. हनुमान जी की आराधना करें।
4. पीपल के वृक्ष की नियमित पूजा व शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
5. पशु-पक्षियों को दाना व अनाज खिलाएं।
6. जरूरतमंद की सामर्थ्यनुसार सहायता करें।
7. शिवलिंग पर प्रतिदिन जल चढ़ाएं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


