Friday Remedy: घर से निकलने से पहले हथेली पर लगाएं ये चीज, कुछ ही हफ्ते में खत्म होंगी ये 2 परेशानियां
शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में एक आसान सा उपाय है जिसे इस दिन करने से आपका ये ग्रह मजबूत हो सकता है। आइए इसके बारे में जानते हैं।

Easy Remedy for Friday: वास्तु शास्त्र के हिसाब से हफ्ते के सातों दिन किसी ना किसी ग्रह से जरूर जुड़े होते हैं। अगर दिन के हिसाब से हम छोटे-छोटे उपाय करने लगे तो इसका असर जिंदगी में धीरे-धीरे दिखने लगेगा। शास्त्र के हिसाब से शुक्रवार का दिन काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। वहीं इस दिन का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है। शास्त्र में शुक्र को लग्जरी, प्यार और पैसा देने वाला ग्रह कहा जाता है। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है, उनकी जिंदगी में इन चीजों को कमी कभी नहीं होगी। अगर आपकी कुंडली में ये ग्रह उतना मजबूत नहीं हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। अगर शुक्रवार के दिन एक आसान सा उपाय कर लिया जाए तो तमाम लोग इससे होने वाले फायदे का लाभ आसानी से उठा सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि ये उपाय क्या है और इससे क्या-क्या लाभ हमें मिल सकते हैं?
शुक्र ग्रह का मजबूत और कमजोर होना
शुक्रवार और शुक्र ग्रह का बेजोड़ संबंध है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र ग्रह के मजबूत और कमजोर होने से इसका असर सुख-सुविधाओं, रिश्तों और पैसों पर पड़ता है। जब शुक्र मजबूत होता है तो जिंदगी में प्यार और पैसे की कोई कमी नहीं होती है। जिनका ये ग्रह मजबूत होता है वो लोग लग्जरी लाइफ जीते हैं। वहीं इसके कमजोर होते ही रिश्तों में मनमुटाव की स्थिति बनती है और पैसों की तंगी परेशान करती है।
हथेली पर लगा लें ये चीज
अगर आपको अपना शुक्र ग्रह मजबूत करना है तो शुक्रवार के दिन एक आसान सा उपाय कर सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह के उपाय के तौर पर बताया जाता है कि गुलाब का इत्र से काफी लाभ मिल सकते हैं। अगर घर से निकलने से पहले हथेली पर थोड़ा सा इत्र लगा लिया जाए तो इसे काफी शुभ माना जाता है। हालांकि इत्र को लगाने का भी नियम है। इसे हमेशा शुक्र पर्वत पर ही लगाया जाना चाहिए। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार शुक्र पर्वत अंगूठे के ठीक नीचे उभरा वाला हिस्सा होता है।
इत्र लगाने के फायदे
हथेली पर अगर शुक्रवार के दिन नियमित रूप से इत्र लगाया जाए तो माना जाता है कि शुक्र ग्रह की पॉजिटिव एनर्जी एक्टिव हो जाती है। इसे लगाने से कॉन्फिडेंस लेवल भी बूस्ट होता है और आसपास का माहौल भी पॉजिटिव लगने लगता है। इसके अलावा इत्र औरॉ को भी मजबूत बनाता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि शुक्र पर्वत पर हल्का सा इत्र लगाया जाए। ज्यादा मात्रा में इसे लगाने की जरूरत नहीं है। सच्चे मन से हल्का सा इत्र लगाना ही फलदायी साबित हो सकता है। इत्र लगाने के बाद दोनों हाथ के शुक्र पर्वत को आपस में रगड़ लें और ऐसा करने से धीरे-धीरे कुछ ही दिन में फर्क महसूस होने लगेगा।
खत्म होती हैं ये 2 परेशानियां
इत्र लगाने के बाद रिश्ते और पैसों से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे पूरी तरह से खत्म होने लगती है। ज्योतिष शास्त्र में कहा जाता है कि अगर किसी कपल के रिश्ते में मनमुटाव वाली स्थिति बार-बार बन रही है या फिर पार्टनर के साथ दूरियां आ गई हैं तो हथेली में शुक्रवार के दिन इत्र जरूर लगाना चाहिए। वहीं जो लोग अपनी जिंदगी में प्यार के इंतजार में हैं वो भी इस उपाय को कर सकते हैं। शास्त्र के अनुसार पैसों से जुड़ी स्थिति में भी शुक्र अहम रोल निभाता है। ऐसे में अगर कोई पैसों की तंगी से परेशान है या फिर किसी का वो काम बार-बार अटके जिसका संबंध पैसों से हो तो उन्हें इत्र वाला ये उपाय जरूर कर लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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