1 अगस्त तक शुक्र-केतु का साथ बढ़ा सकते हैं परेशानियां, रिश्तों और सेहत को लेकर रहें सतर्क
शुक्र और केतु की युति 1 अगस्त 2026 तक रहेगी। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार इस दौरान प्रेम संबंध, वैवाहिक जीवन और सेहत से जुड़े मामलों में कुछ लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। जानें इस ग्रह योग का संभावित असर और किन बातों का ध्यान रखना बेहतर रहेगा।

ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, शादी, सुख-सुविधा और रिश्तों का कारक ग्रह माना जाता है। वहीं केतु को ऐसा ग्रह माना जाता है जो अचानक बदलाव और उलझन ला सकता है। इस समय शुक्र और केतु एक साथ हैं और यह स्थिति 1 अगस्त तक बनी रहेगी। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि यह युति बहुत अच्छे संकेत नहीं देती है। इसका असर सबसे ज्यादा प्रेम संबंध, शादीशुदा जीवन और सेहत पर पड़ सकता है।
शादीशुदा जीवन में बढ़ सकती है खटास
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, शुक्र और केतु की युति पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव बढ़ा सकती है। छोटी-छोटी बातों पर बहस हो सकती है और एक-दूसरे को समझने में दिक्कत आ सकती है। अगर पहले से मतभेद चल रहे हैं तो उन्हें बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें। गुस्से में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है।
प्रेम संबंधों में आ सकता है उतार-चढ़ाव
शुक्र प्रेम का कारक ग्रह है, जबकि केतु दूरी और भ्रम पैदा कर सकता है। ऐसे में प्रेम संबंधों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। कुछ लोगों के रिश्ते कमजोर पड़ सकते हैं या दूरी बढ़ सकती है। इस दौरान पार्टनर से खुलकर बात करना जरूरी रहेगा।
महिलाओं को सेहत का रखना होगा ध्यान
पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि इस समय कुछ महिलाओं को हार्मोन से जुड़ी परेशानी या गायनेकोलॉजिकल समस्या हो सकती है। अगर पहले से कोई दिक्कत है तो उसे नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लें।
पुरुषों में बढ़ सकती है आसक्ति
पंडित जी के अनुसार, इस युति का असर पुरुषों पर भी पड़ सकता है। किसी व्यक्ति, आदत या चीज के प्रति जरूरत से ज्यादा लगाव बढ़ सकता है। इसलिए इस समय अपने व्यवहार और फैसलों पर नियंत्रण रखना जरूरी है।
हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं
ज्योतिष के अनुसार, किसी भी ग्रह का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। यह उसकी जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है। अगर कुंडली में शुभ ग्रह मजबूत हैं तो इस युति का असर कम भी हो सकता है।
क्या सलाह देते हैं पंडित नरेंद्र उपाध्याय?
पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि 1 अगस्त तक रिश्तों में धैर्य रखें। बेवजह की बहस से बचें और कोई बड़ा फैसला सोच-समझकर लें। पूजा-पाठ, सकारात्मक सोच और संयमित दिनचर्या अपनाना इस समय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiयोगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
परिचय और अनुभव
योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।
न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
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करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर
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एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य
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व्यक्तिगत रुचियां
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