Hindi Newsधर्म न्यूज़Shukra ast on 11 december 2025 rashiyon par kya prabhav kharmas start and vivah muhurat end start in 2026
शुक्र होने वाले हैं अस्त, राशियों पर असर, खरमास होंगे शुरू, विवाह मुहूर्त पर लगेगा ब्रैक

शुक्र होने वाले हैं अस्त, राशियों पर असर, खरमास होंगे शुरू, विवाह मुहूर्त पर लगेगा ब्रैक

संक्षेप:

16 दिसंबर से खरमास भी शरू हो रहे हैं और इससे पहले शुक्र अस्त हो रहे हैं। इसलिए विवाह 11 दिसंबर से बंद हो जाएंगे। 11 दिसंबर से विवाह के मुहूर्त बंद रहेंगे। दरअसल शुक्र के अस्त होने पर विवाह नहीं किए जाते हैं,

Dec 05, 2025 10:18 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

16 दिसंबर से खरमास भी शरू हो रहे हैं और इससे पहले शुक्र अस्त हो रहे हैं। इसलिए विवाह 11 दिसंबर से बंद हो जाएंगे। 11 दिसंबर से विवाह के मुहूर्त बंद रहेंगे। दरअसल शुक्र के अस्त होने पर विवाह नहीं किए जाते हैं, विवाह में गुरु और शुक्र का तारा देखा जाता है, अगर गुरु और शु्क्र में से कोई एक भी अस्त होता है तो विवाह नहीं होते हैं। आज 5 दिसंबर से पौष मास लग रहा है। इसके बाद 11 दिसंबर को शुक्र के अस्त होने के कारण शादी का आखिरी मुहूर्त 11 को है। इसके बाद खरमास 15 दिसंबर से लग रहे हैं, इसलिए विवाह और मांगलिक कार्यों पर ब्रैक लग जाएगा। शुक्र 11 दिसंबर, 2025 से अस्त हो रहे हैं और कुल 53 दिनों तक अस्त रहेंगे और फिर वे 1 फरवरी, 2026 को उदित होंगे। इसके बाद से विवाह के मुहूर्त खुलेंगे। आपको बता दें कि शुक्र सुख, वैभव, प्रेम, धन, दौलत, ऐश्वर्य और वैवाहिक सुख के दाता हैं, इनके अस्त होने से कई राशियों पर भी असर होता है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

शक्र अस्त का किन राशियों पर प्रभाव
वृष राशि के जातकों के लिए शुक्र के अस्त होने से बिजनेस और नौकरी में सफलता के योग बनेंगे। कोई बड़ा प्रोजेक्ट आपको लाभ देगा। तुला राशि वालों की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी होगी। लोन की स्थिति भी सुधरेगी। मकर राशि वालों की लवलाइफ और आर्थिक स्थिति में पहले से और भी अधिक सुधार आएगा। 15 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ खरतास समाप्त होगा, लेकिन शुक्रास्त होने की वजह से विवाह का शुभ समय एक फरवरी से ही शुरू होगा।

नए साल 2026 में फिर कब से शुरू होंगे विवाह मुहूर्त

विवाह-संस्कार सहित सभी शुभ कार्य 14 जनवरी तक पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दौरान बैंड-बाजा, बारात, पंडाल और जश्न का माहौल थम जाएगा। 11 दिसंबर से शुक्रास्त, 16 दिसंबर से शुरू हो रहे खरमास मांगलिक कार्यों पर पूर्ण विराम लगा देगा। यह अवधि 14 जनवरी तक चलेगी। जबकि शुक्रास्त का प्रभाव 31 जनवरी तक रहेगा। इसके बाद फरवरी से शुभ मुहूर्त दोबारा शुरू होंगे। जबकि शुक्र पश्चिम दिशा में उदये होंगे और मांगलिक कार्य पुन: सुचारू हो सकेगा। इसके आलाव शुभ मुहूर्त के थमने से लाखों के करोबार पर ब्रेक लग जाएगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey
अनुराधा पांडे लाइव हिन्दुस्तान में एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन लीड कर रही हैं। इन्हें पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। ज्योतिष और धर्म-अध्यात्म से जुड़े विषयों पर पिछले 10 सालों से लिख रही हैं। इन्होंने हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा भारतीय जनसंचार संस्थान, दिल्ली और ग्रैजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। लाइव हिन्दुस्तान में करियर का लंबा हिस्सा बीता और काम करते-करते 9 साल हो गए हैं। एस्ट्रोलॉजी और करियर से जुड़ी खबरों के अलावा हेल्थ पर लिखने शौक है। इससे पहले तीन साल तक आज तक वेबसाइट में एजुकेशन सेक्शन में भी काम किया है। और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ ,Choti Diwali Wishes , Rashifal, Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!