Aaj Ka Panchang 27 May: आज पद्मिनी एकादशी पर भद्रा का साया, जान लें पूजन के शुभ-अशुभ मुहूर्त
Aaj Ka Panchang 27 May 2026, Today Ekadashi Vrat: भगवान विष्णु को समर्पित पद्मिनी एकादशी का व्रत आज है। अधिकमास में आने वाले इस एकादशी व्रत का खास महत्व है। जानें पद्मिनी एकादशी व्रत के पूजन का शुभ समय और व्रत का फल।

Today panchang, aaj ka panchang 27 may 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए उत्तम व्रत माना जाता है। मान्यता है कि श्रीहरि को समर्पित एकादशी व्रत करने से जीवन में सुख-शांति और खुशहाली आती है। इस समय अधिकमास चल रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज 27 मई 2027, बुधवार को ज्येष्ठ (अधिकमास) की एकादशी तिथि है। इस दिन पद्मिनी एकादशी का व्रत किया जाता है। इस साल पद्मिनी एकादशी के दिन रवि योग के साथ भद्रा का साया भी रहने वाला है। अगर आप भी पद्मिनी एकादशी व्रत कर रहे हैं, तो यहां देखें पूजन के शुभ-अशुभ मुहूर्त। जानें इस व्रत को करने से क्या फल मिलते हैं।
27 मई 2026, पद्मिनी एकादशी का पंचांग:
27 मई, बुधवार, शक संवत् : 06 ज्येष्ठ (सौर) 1948, पंजाब पंचांग : 13 ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 2083, इस्लाम : 09 जिल्हिजा, 1447, विक्रमी संवत् : प्रथम (अधिक) ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि प्रात: 06.22 मिनट तक पश्चात द्वादशी तिथि, हस्त नक्षत्र प्रातः 05.57 मिनट तक पश्चात चित्रा नक्षत्र, चंद्रमा कन्या राशि में सायं 07 बजे तक उपरांत तुला राशि में। सूर्य उत्तरायण। सूर्य उत्तर गोल। ग्रीष्म ऋतु। दोपहर 12 बजे से दोपहर 01.30 मिनट तक राहुकालम्। भद्रा प्रातः 06.22 मिनट तक। पुरुषोत्तम (कमला) एकादशी व्रत।
27 मई 2026 को पूजन के शुभ मुहूर्त:
सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 05:25 बजे से सुबह 05:56 बजे तक।
रवि योग- सुबह 05:25 बजे से सुबह 05:56 बजे तक।
विजय मुहूर्त- दोपहर 02:36 बजे से दोपहर 03:31 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त- शाम 07:10 बजे से शाम 07:31 बजे तक।
सायाह्न सन्ध्या- शाम 07:12 बजे से रात 08:13 बजे तक।
27 मई 2027 को पूजन के अशुभ मुहूर्त:
भद्रा- सुबह 05:25 बजे से सुबह 06:21 बजे तक।
राहुकाल- दोपहर 12:18 बजे से दोपहर 02:02 बजे तक।
यमगण्ड- सुबह 07:08 से सुबह 08:52 बजे तक।
गुलिक काल- सुबह 10:35 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक।
विडाल योग- सुबह 05:25 बजे से सुबह 05:56 बजे तक।
पद्मिनी एकादशी व्रत का फल:
शास्त्रों के अनुसार, पद्मिनी एकादशी व्रत मोक्ष और पाप मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान सुख मिलता है। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। यह समस्त यज्ञों और तपस्याओं के समान पुण्यदायी माना जाता है।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


