


सूर्योदय 05:23 प्रात:
सूर्यास्त 07:18 सायं
चंद्रमा मीनअगर कोई वाहन खरीदना चाहते हैं तो वाहन खरीदने की अगली शुभ तिथि क्या है?
19 Jul 2026
अगर शादी के लिए शुभ विवाह का मुहूर्त देख रहे हैं, तो अगला कौन सा शुभ विवाह का मुहूर्त है?
21 Nov 2026
अगर इस महीने घर खरीदना चाहते हैं तो घर खरीदने की अगली शुभ तिथि क्या है?
11 Nov 2026






पंचांग एक हिंदू तिथि का कैलेंडर कहा जा सकता है। पंचांग पांच अंगों से मिलकर बना है, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, इसलिए इसे पंचांग कहते हैं।
हिंदू धर्म में कुछ भी शुभ काम करने से पहले मुहूर्त जरूर देखा जाता है। दरअसल सभी किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले उस तिथि का महत्व और उसके शुभ-अशुभ प्रभाव पर विचार करना चाहते हैं। इसलिए पंचांग जरूर देखना चाहिए।
किसी तिथि का क्षय या वृद्धि होना सूर्योदय पर निर्भर करता है। पंचांग के अनुसार अगर कोई तिथि, सूर्योदय से पूर्व आरंभ हो जाती है और अगले सूर्योदय के बाद तक रहती है तो उस तिथि की वृद्धि हो जाती है अर्थात् वह वृद्धि तिथि कहलाती है लेकिन कोई तिथि सूर्योदय के बाद आरंभ हो और अगले सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाती है तो उस तिथि का क्षय हो जाता है अर्थात् वह क्षय तिथि कहलाती है।
अब नक्षत्रों के बारे में जानें नक्षत्र 27 होते हैं। प्रत्येक नक्षत्र के चार चरण होते हैं और 9 चरणों के मिलने से एक राशि बनती है।