Maha Shivratri 2026: भोले शंकर-मां पार्वती के विवाहोत्सव पर राम मंदिर में रुद्राभिषेक समेत और क्या-क्या, पढ़ें
Shri Ram Janmbhoomi Temple: महाशिवरात्रि के पर्व पर भगवान भूत भावन शंकर एवं माता पार्वती के विवाहोत्सव का आयोजन किया जाएगा। राम मंदिर में इसी के उपलक्ष्य में श्रीराम जन्मभूमि परिसर को सुगंधित फूलों से सुसज्जित किया जाएगा। इसके लिए आर्डर दिया जा चुका है।

महाशिवरात्रि के पर्व पर भगवान भूत भावन शंकर एवं माता पार्वती के विवाहोत्सव का आयोजन किया जाएगा। राम मंदिर में इसी के उपलक्ष्य में श्रीराम जन्मभूमि परिसर को सुगंधित फूलों से सुसज्जित किया जाएगा। इसके लिए आर्डर दिया जा चुका है।
रुद्राभिषेक के साथ विशेष पूजा
हालांकि राम मंदिर के प्रवेश द्वार आद्य गुरु जगद्गुरु रामानंदाचार्य समेत अन्य प्रवेश द्वार द्वारों को भी सजाए जाने के बारे में विमर्श किया जा रहा है। उधर रविवार को महाशिवरात्रि का मुख्य पर्व माना गया है। इस अवसर पर कुबेर नवरत्न टीला पर स्थित कुबेरेश्वर महादेव एवं राम मंदिर के परकोटे के छह मंदिरों में शामिल शिवालय में रुद्राभिषेक के साथ विशेष पूजन किया जाएगा।
उज्जैन से आमंत्रित किए गये भोलेनाथ के श्रृंगारी
मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने बताया कि इस तिथि पर दोनों शिवालयों को दर्शनार्थियों के लिए खुला रखा जाएगा। इस दौरान दर्शनार्थी के रूप में मंदिर निर्माण एजेंसियों के अधिकारी व कर्मचारियों के अलावा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यकर्ता व पुजारी गण दर्शन-पूजन कर सकेंगे।
भगवान का विशेष श्रृंगार
बताया गया कि दिन भर के अनुष्ठान के उपरांत सायंकाल गोधूलि बेला में भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। बताया गया कि भगवान भोलेनाथ के विशेष शृंगार के लिए महाकाल की नगरी उज्जैन से शृंगारियों को आमंत्रित किया गया है। इस शृंगार के लिए करीब दो घंटे का समय लगेगा।
भगवान की महाआरती
भगवान के शृंगार के बाद झांकी के अनावरण के अवसर पर भगवान की महाआरती की जाएगी। पुनः भगवान के विवाह के लिए वैदिक अनुष्ठान भी किया जाएगा। इस दौरान भक्तों का राम मंदिर में दर्शन अनवरत चलता रहेगा।
नागेश्वर नाथ मंदिर से निकलेगी परम्परागत बारात
महाशिवरात्रि के पर्व पर रविवार को नागेश्वर नाथ मंदिर से भगवान शिव की परम्परागत बारात निकाली जाएगी। इस अवसर पर बारात में अलग-अलग तरह के लोक नृत्य दल भी शामिल होंगे। बाजे-गाजे के साथ धूमधाम से निकाली जिन्हें वाली बारात में भगवान शिव के स्वरूप नंदी स्वरूप रथ पर सवार होकर आकर्षण बनेंगे।
जागरण के लिए आयोजित होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
महाशिवरात्रि के पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का अयोध्या में आगमन होगा। श्रद्धालु गण प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूजन के साथ भगवान शंकर के रात्रिकालीन विवाह उत्सव का भी आनंद लेंगे। इसको ध्यान में रखते हुए अंगद टीला पर भी पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर अनुष्ठान किया जाएगा। इसके साथ ही यहां भी अनुष्ठान पूर्वक भगवान का विवाहोत्सव मनाया जाएगा। रात्रि जागरण के लिए भजन-कीर्तन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को अंगद टीला जाने पर कोई बंदिश नहीं रहेगी।

लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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