महाकाल मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, विदेशी फूलों से सजाया गया है दरबार, 44 घंटे लगातार कर सकेंगे दर्शन

Feb 15, 2026 10:47 am ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर को खास थीम पर सजाया गया है और भक्तों को 44 घंटे तक लगातार दर्शन करने को मिलेगा। इस महापर्व पर देश-विदेश से लाखों शिव भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ पड़े हैं। मंदिर परिसर में सुबह 3 बजे से ही भस्म आरती की तैयारियां शुरू हो गई थीं।

महाकाल मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, विदेशी फूलों से सजाया गया है दरबार, 44 घंटे लगातार कर सकेंगे दर्शन

महाशिवरात्रि का पावन पर्व उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग धाम में भक्ति और उत्साह का महासागर बन गया है। 15 फरवरी 2026 को मनाए जा रहे इस महापर्व पर देश-विदेश से लाखों शिव भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ पड़े हैं। मंदिर परिसर में सुबह 3 बजे से ही भस्म आरती की तैयारियां शुरू हो गई थीं। इस बार महाकाल मंदिर को खास थीम पर सजाया गया है और भक्तों को 44 घंटे तक लगातार दर्शन करने को मिलेगा। आइए जानते हैं इस बार महाशिवरात्रि के आयोजन की खास बातें।

भक्तों की भारी भीड़ और विशेष तैयारी

महाकालेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के दिन 10 लाख से अधिक भक्तों के आने का अनुमान है। आधी रात से ही भक्तों की कतारें लग गई थीं। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए हर संभव इंतजाम किए हैं। पार्किंग, भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा का विशेष प्रबंध है। भस्म आरती के लिए सुबह से ही भक्त लाइन में खड़े थे। 16 फरवरी को सुबह होने वाली भस्म आरती दोपहर में की जाएगी। ऐसा साल में केवल एक बार होता है।

विदेशी फूलों से सजा भव्य दरबार

इस महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर को विदेशी फूलों से सजाया गया है। पूरे परिसर में 200 से अधिक लोग दिन-रात सजावट में जुटे थे। मंदिर को दक्षिण भारत के नटराज मंदिर की थीम पर सजाया गया है। रंग-बिरंगी रंगोलियां, जगमगाती लाइट्स और फूलों की मालाओं से पूरा धाम दिव्य दिख रहा है। पिछले साल सजावट पर लगभग 30 लाख रुपये खर्च हुए थे। इस बार का खर्च मेले के बाद आकलन किया जाएगा। सजावट देखकर भक्तों का उत्साह और बढ़ गया है।

पंचामृत से विशेष अभिषेक और दूल्हा श्रृंगार

मंदिर के पट खुलते ही मुख्य पुजारियों ने गर्भगृह में सभी देवताओं का पूजन किया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत का विशेष अभिषेक किया गया। बाबा को दूल्हे वाली पगड़ी पहनाई गई। विदेशी फूलों की मालाएं, चंदन और सुगंधित द्रव्य से श्रृंगार पूरा हुआ। यह श्रृंगार भक्तों को दूर से ही दिव्य लग रहा है।

44 घंटे तक लगातार दर्शन का अवसर

इस महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल 44 घंटे तक लगातार दर्शन देंगे। 15 फरवरी से शुरू होने वाला दर्शन क्रम 16 फरवरी की रात तक जारी रहेगा। दिन-भर शिवलिंग पर जल अर्पित होता रहेगा और भगवान निराकार स्वरूप में विराजमान रहेंगे। महाशिवरात्रि के अगले दिन अल सुबह बाबा महाकाल दूल्हा स्वरूप में दर्शन देंगे। यह अवसर भक्तों के लिए बहुत खास है।

भक्तों के लिए विशेष अपील

मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे व्यवस्थित तरीके से दर्शन करें। भीड़भाड़ से बचने के लिए समय से पहले ना पहुंचें। मंदिर में भोजन, पानी और बैठने की व्यवस्था की गई है। भस्म आरती में भी भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस बार का आयोजन ऐतिहासिक रहेगा।

महाकाल धाम में महाशिवरात्रि का उत्सव भक्ति का अनोखा संगम है। विदेशी फूलों से सजा दरबार और 44 घंटे दर्शन भक्तों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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