शिव मंदिर जाकर नंदी के कान में सबसे पहले क्या बोलना चाहिए? इस 1 शब्द से पूरा हो जाएगा सारा अटका हुए काम
क्या शिव मंदिर जाकर अक्सर आपके मन में ये ख्याल आता है कि नंदी के कान में क्या कहा जाए? अगर आप कन्फ्यूज हो जाते हैं तो सबसे पहले ये जानें कि उनके काम में सबसे पहले क्या कहना चाहिए?

सनातन धर्म में रोजाना मंदिर जाने का बड़ा महत्व होता है। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है कि भक्ति रोज मंदिर जाके ही पूरी होगी। घर की पूजा भी रोज सच्चे मन से कई जाए तो भी मंदिर जाने के ही सामान है। हिंदू धर्म में सभी दिन अलग-अलग भगवान को समर्पित होते हैं। सोमवार का दिन भगवान शिव के नाम होता है और इस दिन हर शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। इस खास दिन पर लोग शिवालों में जलाभिषेक जरूर करते हैं। इसी के साथ शिव मंदिर में एक परंपरा ऐसी भी है कि अगर नंदी महाराज के कान में कुछ कह दिया जाए तो वो मनोकामना जरूर पूरी होती है। वहीं कई बार मन में आता है कि क्या कहा जाए और क्या नहीं? लेकिन क्या आपको पता है कि शिव पुराण में भी इसका जिक्र है।
शिवजी ने दिया था वरदान
शिव पुराण के जलंधर चरित्र में इस बात का वर्णन है। दरअसल पुराण में जलंधर और वृंदा से जुड़ी एक कहानी है, जिसमें नंदी वाला किस्सा जुड़ा हुआ है। नंदी महाराज को भगवान शिव का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि नंदी हर एक संदेश को भगवान शिव तक जरूर पहुंचाते हैं। धार्मिक ग्रंथ के अनुसार भगवान शिव ने खुद नंदी को वरदान दिया था कि जो भी उनके काम में अपनी मनोकामना कहेगा, उसकी इच्छा वो जरूर पूरी करेंगे।
नंदी के काम में ऐसे कहें अपनी बात
अब जान लेते हैं कि अपनी इच्छा को कहने का सही तरीका क्या है? मान्यता के हिसाब से नंदी के बाएं कान में अपनी इच्छा बतानी चाहिए। इस दौरान बेलपत्र को एक हाथ में लेकर नंदी के एक पैर को स्पर्श करना चाहिए। इसके बाद नंदी के कान में अपनी मनोकामना मांगनी चाहिए। इसके बाद उस बेलपत्र को शिवलिंग पर अशोक सुंदरी वाली जगह पर रख देना चाहिए। यहां पर ध्यान रखें कि अपनी बात को नंदी के काम में कहने से पहले ॐ कहें और इसके बाद ही अपने दिल की बात कहें। साथ ही जब भी आप शिवलिंग पर जल चढ़ाएं तो बाद में नंदी महाराज को भी जल और फूल जरूर अर्पित करें।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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