Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी आज, कर लें ये उपाय, माता बरसाएंगी कृपा

Mar 11, 2026 09:51 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Sheetala Ashtami 2026 Upaay: आज यानी 11 मार्च को शीतला अष्टमी का पर्व है। इस दिन मां शीतला की पूजा अर्चना होती है। कई लोग शीतला अष्टमी के दिन कई तरह के उपाय करते हैं, ताकि माता का आशीर्वाद प्राप्त हो सके। चलिए आज हम कुछ खास उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं।

Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी आज, कर लें ये उपाय, माता बरसाएंगी कृपा

आज यानी 11 मार्च को शीतला अष्टमी का पर्व है। यह हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां शीतला की पूजा अर्चना होती है। साथ ही कई जगहों पर इस त्योहार को बसोड़ा या बसौड़ा के नाम से भी बुलाते हैं। क्योंकि आज के दिन माता शीतला को बासी भोजन का भोग अर्पित किया जाता है। आज के दिन माताएं अपनी संतान को रोग मुक्त रखने के माता शीतला की पूजा करती हैं। गर्मी के मौसम में उन्हें शीतल रखने के लिए आज के दिन उन्हें ठंडी और बासी चीजों का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक मां शीतला स्वच्छता की देवी हैं। ऐसे में कई लोग शीतला अष्टमी के दिन कई तरह के उपाय करते हैं, ताकि माता का आशीर्वाद प्राप्त हो सके। चलिए आज हम कुछ खास उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं।

मां शीतला की पूरे विधि-विधान से पूजा करें
शीतला अष्टमी पर अगर आप मां का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस दिन माता शीतला की पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए। इसके लिए आपको आज ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर लें। इसके बाद ओम ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः मंत्र का जाप करें। इसके बाद सबसे पहले माता को कच्चे दूध और पानी को मिलाकर स्नान कराएं। अब माता शीतला को पुड़े, दही, रोटी, मीठे चावल आदि का भोग लगाएं। अब बिना दीपक जलाए माता को सभी सामान अर्पित करें और हाथ जोड़कर बोले हे माता शीतला ठंडी रहना।

शीतला माता को इन चीजों का लगाएं भोग
शीतला अष्टमी के दिन घर में चुल्हा नहीं जलाया जाता है। ऐसे में एक दिन पहले सप्तमी तिथि की रात को प्रसाद को तैयार किया जाता है। शीतला अष्टमी पर माता शीतला को खासतौर से गुड़ या गन्ने के रस में पके मीठे चावलों का भोग लगाया जाता है। इससे माता का आशीर्वाद साधकों पर पड़ता है। साथ ही इससे रिश्तों और परिवार में मिठास बना रहता है।

नौकरी में आ रही परेशानी दूर करने के उपाय
शीतला अष्टमी के दिन साधक को स्नान आदि के बाद शीतला चालीसा का पाठ करना चाहिए और पाठ करने के बाद देवी मां को पुष्प अर्पित करने चाहिए। शीतला चालीसा का केवल एक बार पाठ करने से ही आपको नौकरी में जो भी परेशानी आ रही हैं, उससे जल्द ही आपको छुटकारा मिलेगा।

तरक्की के लिए करं ये उपाय
अगर आप अपने बिजनेस में तरक्की चाहते हैं, तो इसके लिए शीतला अष्टमी के दिन आपको स्नान आदि के बाद नीम के पेड़ के पास जाना चाहिए और उस पेड़ में देवी मां के स्वरूप का ध्यान करते हुए पहले आपको प्रणाम करना चाहिए। उसके बाद रोली-चावल आदि से पेड़ की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपका बिजनेस हमेशा अनजाने खतरों से बचा रहेगा।

नीम का पेड़ लगाएं
आपके जीवनसाथी को किसी प्रकार की परेशानी बनी हुई है तो उस परेशानी से छुटकारा पाने के लिये शीतला अष्टमी के दिन आपको अपने घर के बाहर पश्चिम दिशा में नीम का पेड़ लगाना चाहिए और उसकी नियमित रूप से देखभाल करनी चाहिए। इससे माता शीतला की कृपा बनी रहती है।

हल्दी का टीका लगाएं
अगर आप अपने बच्चों को किसी भी नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति दिलवाना चाहते हैं, तो शीतला अष्टमी के दिन पूजा के बाद बच्चों के माथे पर हल्दी का टीका लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। हल्दी को शुद्धता और स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इससे बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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