Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर कर लें ये उपाय, हर कार्य में मिलेगी सफलता

Mar 06, 2026 01:49 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Sheetala Ashtami 2026: होली के 8वें दिन शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इसे बसोड़ा या बसौड़ा के नाम से भी जाना है। इसका हिंदू धर्म में बहुत महत्व होता है। इस दिन व्रत रखा जाता है। यह दिन मां शीतला को समर्पित है और उनकी पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है।

Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर कर लें ये उपाय, हर कार्य में मिलेगी सफलता

चैत्र माह की शुरुआत होली के साथ होती है। इस साल होली का पर्व 4 मार्च को मनाया गया था। इसके पांचवें दिन रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है और 8वें दिन शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इसे बसोड़ा या बसौड़ा के नाम से भी जाना है। इसका हिंदू धर्म में बहुत महत्व होता है। इस दिन व्रत रखा जाता है। यह दिन मां शीतला को समर्पित है और उनकी पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां शीतला की पूजा अर्चना करने से रोग-कष्ट दूर होते हैं और अच्छे स्वास्थ्य के आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। इस साल शीतला अष्टमी 11 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन कुछ उपाय करने से कई तरह की समस्याएं खत्म होती है। चलिए जानते हैं कि शीतला अष्टमी पर क्या उपाय करने चाहिए।

मां शीतला की पूजा से लाभ
धार्मिक मान्यता है कि शीतला माता को रोग-शोक और विशेषकर चेचक व त्वचा रोगों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। ‘शीतला’ शब्द का अर्थ होता है शीतलता प्रदान करने वाली देवी। कहते हैं कि शीतला माता के आशीर्वाद से ही घर-परिवार में स्वास्थ्य और सुख-शांति बनी रहती है।

बीमारियों से बचने के लिए उपाय
शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला की पूजा पूरे विधि-विधान से करें। इसके लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें और माता की मूर्ति या तस्वीर को एक साफ चौकी पर रखें। फिर उन्हें कुमकुम, अक्षत (चावल), लाल फूल और हल्दी चढ़ाएं। माता को एक दिन पहले बना हुआ हलवा और पूड़ी का भोग लगाएं। क्योंकि इस दिन चूल्हा नहीं जलाने की मान्यता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और बीमारियों का असर कम होता है।

सुख-समृद्धि के लिए
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहे, तो शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला को जल अर्पित करें और थोड़ा पानी बचाकर रखें। इस पानी को घर के हर कमरे में और दरवाजे के पास छिड़कें। माना जाता है कि ऐसा करने से बुरी शक्तियां दूर होती हैं और घर में बरकत बनी रहती है।

आर्थिक तंगी के लिए उपाय
अगर आप चाहते हैं कि घर की आर्थिक स्थिति में सुधार हो या फिर आर्थिक तंगी दूर हो, तो इसके लिए आपको शीतला अष्टमी के दिन गाय को रोटी खिलाना भी बहुत शुभ माना जाता है। इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में खुशहाली आती है।

माता शीतला के साथ मां पार्वती की पूजा करें
धार्मिक मान्यताएं हैं क‍ि इस द‍िन शीतला माता की पूजा के साथ-साथ पार्वती चालीसा का पाठ करने से हर मनोकामना पूरी होती है। दरअसल, शीतला माता शक्ति का ही एक स्वरूप हैं। मां पार्वती की स्तुति से साधक के जीवन में न केवल हर शारीरिक कष्ट दूर होते हैं, बल्कि मानसिक शांति और पारिवारिक खुशहाली भी आती है। इस दिन साधक पार्वती चालीसा का पाठ कर सकते हैं।

नीम पेड़ की पूजा करें
शीतला अष्टमी के दिन आप नीम के पेड़ की पूजा करें। सुबह स्नान करके गुड़, चावल, हल्दी, लौंग और फूल लेकर नीम के पेड़ के नीचे जाएं और वहां जल चढ़ाएं। इसके बाद पेड़ की 7 बार परिक्रमा करें। इससे माता शीतला प्रसन्न होती हैं और जीवन में नई ऊर्जा का आशीर्वाद देती हैं।

शीतला मां की आरती

आप इस दिन मां शीतला की आरती भी कर सकते हैं। नीचे मां शीतला की आरती दी गई है।

जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता ।
आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता ॥
ॐ जय शीतला माता..॥
रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भाता ।
ऋद्धि-सिद्धि चँवर ढुलावें, जगमग छवि छाता ॥
ॐ जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता ।
विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता ।
वेद पुराण वरणत,पार नहीं पाता ॥
ॐ जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता ।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

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धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

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