23 साल बाद मकर संक्रांति पर षटतिला एकादशी का अद्भुत संयोग, जानें मुहूर्त, मंत्र, विधि व उपाय

Jan 14, 2026 02:52 pm ISTShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Shattila Ekadashi 2026, Makar Sankranti timing: लगभग 23 सालों के बाद एक ही दिन पर षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति पड़ रही है। मकर संक्राति और एकादशी एक दिन होने के कारण इसे अक्षय फल देने वाला माना जा रहा है।

23 साल बाद मकर संक्रांति पर षटतिला एकादशी का अद्भुत संयोग, जानें मुहूर्त, मंत्र, विधि व उपाय

Shattila Ekadashi 2026, Makar Sankranti: इस साल 14 जनवरी के दिन बेहद ही अद्भुत संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लगभग 23 सालों के बाद एक ही दिन पर षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति पड़ रही है। इससे पहले ऐसा संयोग साल 2003 में बना था। पंचांग के अनुसार, शाम 05:52 मिनट तक एकादशी तिथि रहेगी। इस दिन स्नान, जप, तप, दान ब श्राद्ध तर्पण का विशेष महत्व है। मकर संक्राति और एकादशी एक दिन होने के कारण इसे अक्षय फल देने वाला माना जा रहा है। इस बार षटतिला एकादशी पर वृद्धि योग, लाभ दृष्टि योग, शुक्रादित्य योग का भी शुभ संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत पारण का समय, विधि, मंत्र भोग व उपाय-

शुभ योग: षटतिला एकादशी के दिन सुबह 07:57 मिनट से वृद्धि योग रहेगा। सूर्योदय से लेकर 03:03 ए एम, जनवरी 15 तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा।

23 साल बाद मकर संक्रांति पर षटतिला एकादशी का अद्भुत संयोग, जानें मुहूर्त, मंत्र, विधि व उपाय

  1. ब्रह्म मुहूर्त 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
  2. विजय मुहूर्त 02:15 पी एम से 02:57 पी एम
  3. गोधूलि मुहूर्त 05:43 पी एम से 06:10 पी एम
  4. अमृत काल 03:23 पी एम से 05:10 पी एम
  5. निशिता मुहूर्त 12:03 ए एम, जनवरी 15 से 12:57 ए एम, जनवरी 15
  6. सर्वार्थ सिद्धि योग 07:15 ए एम से 03:03 ए एम, जनवरी 15
  7. अमृत सिद्धि योग 07:15 ए एम से 03:03 ए एम, जनवरी 15

पूजा-विधि

  • स्नान आदि कर मंदिर की साफ सफाई करें
  • गणेश जी की प्रणाम कर सूर्य पूजा करें
  • भगवान श्री हरि विष्णु का जलाभिषेक करें
  • प्रभु का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें
  • अब प्रभु को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें
  • मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें
  • संभव हो तो व्रत रखें और व्रत लेने का संकल्प करें
  • षटतिला एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें
  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें
  • पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें
  • प्रभु को तुलसी दल सहित भोग लगाएं
  • अंत में क्षमा प्रार्थना करें

भोग- भगवान श्री हरी विष्णु की कृपा पाने के लिए इस दिन तिल, गुड़ और चने की दाल, केला या पंचामृत का भोग लगा सकते हैं। भोग में तुलसी दल डालना न भूलें। भगवान सूर्य को भी तिल और गुड़ का भोग लगाएं।

मंत्र- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, ॐ नारायणाय लक्ष्म्यै नमः

उपाय- मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक ही दिन होने पर श्री विष्णु चालीसा और सूर्य चालीसा का पाठ करने से पापों का नाश होगा। मंत्र जाप भी करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

लेखक के बारे में

Shrishti Chaubey
लाइव हिन्दुस्तान में बतौर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर काम कर रही सृष्टि चौबे को पत्रकारिता में 2 साल से ज्यादा का अनुभव है। सृष्टि को एस्ट्रोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखने की अच्छी समझ है। इसके अलावा वे एंटरटेनमेंट और हेल्थ बीट पर भी काम कर चुकी हैं। सृष्टि ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, हस्तरेखा, फेंगशुई और वास्तु पर अच्छी जानकारी रखती हैं। खबर लिखने के साथ-साथ इन्हें वीडियो कॉन्टेंट और रिपोर्टिंग में भी काफी रुचि है। सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। अपने कॉलेज के दिनों में इन्होंने डाटा स्टोरी भी लिखी है। साथ ही फैक्ट चेकिंग की अच्छी समझ रखती हैं। और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!
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