
शनिवार को किसी से नहीं लेना चाहिए ये 5 सामान, बन सकता है दुर्भाग्य का कारण
हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना जाता है। इस दिन लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। लेकिन इस दिन कुछ कार्य ऐसे हैं जिन्हें वर्जित माना जाता है। साथ ही इस दिन छोटी सी भूल दुर्भाग्य का कारण बन सकती है।
हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना जाता है। इस दिन लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। लेकिन इस दिन कुछ कार्य ऐसे हैं जिन्हें वर्जित माना जाता है। साथ ही इस दिन छोटी सी भूल दुर्भाग्य का कारण बन सकती है। जैसे कि शनिवार को कुछ ऐसी चीजें हैं जो किसी से नहीं लेना चाहिए। यह अशुभ माना जाता है। इससे ना सिर्फ नकारात्मक ऊर्जाएं हावी होती हैं, बल्कि शनि देव नाराज हो जाते हैं। इसके अलावा व्यक्ति के जीवन में आर्थिक, मानसिक या शारीरिक परेशानियां शुरू हो सकती हैं। चलिए ऐसे ही 5 चीजों के बारे में जानते हैं जिन्हें किसी से नहीं लेना चाहिए।
उड़द दाल
काली उड़द को शनिवार को किसी से भी नहीं लेना चाहिए। यह शनि से जुड़ी वस्तु मानी जाती है। उड़द लेना पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी का कारण बन सकता है। हालांकि, इसी दिन काली उड़द का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव शांत होता है।
चमड़े की वस्तुएं
चमड़े की वस्तुएं जैसे जूते, बेल्ट आदि भी शनिवार को नहीं लेनी चाहिए। क्योंकि चमड़ें की वस्तुएं भी शनि से संबंधित मानी जाती हैं। इससे जीवन। इससे जीवन में संघर्ष और अपमान की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही आर्थिक स्थिति पर भी इसका असर पड़ता है। इसके अलावा शनिवार के दिन नया सामान लेने से बचें और हो सके तो पुराने जूते या चप्पल दान करें।
लोहे का सामान
लोहा भी शनि का धातु माना जाता है। ऐसे मं शनिवार के दिन किसी से लोहा लेते हैं, तो शनि देव नाराज हो जाते हैं और साथ ही यह शनि दोष को सक्रिय कर सकता है। इससे करियर में बाधा, विवाद और दुर्घटना के योग बनते हैं। व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए ऐसा करना हानिकारक माना गया है।
लौंग
शनिवार के दिन किसी से लौंग लेना आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। मान्यता है कि शनिवार को किसी से लौंग लेने पर ग्रह दशा पर असर पड़ सकता है। इससे कार्यों में बार-बार रुकावटें, जीवन में तनाव या अनचाहे उतार-चढ़ाव आने लगते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि खुद लौंग खरीदकर शनिवार को हनुमान जी या शनिदेव को अर्पित करें।
सरसों तेल
ज्योतिष के मुताबिक सरसों का तेल का संबंध शनिदेव से जुड़ा है। ऐसे में शनिवार के दिन किसी से सरसों का तेल लेना अशुभ माना गया है। इसे लेने से दूसरे व्यक्ति के कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा आपके जीवन में प्रवेश कर सकती है। ऐसा करने से जीवन में अचानक खर्चे और कर्ज बढ़ने लगते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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परिचय और अनुभव
धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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